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बुश ने नए नैटो सदस्यों का स्वागत किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोप के सात पूर्व कम्युनिस्ट देश क्षेत्रीय सैनिक संगठन नैटो के सदस्य बन गए हैं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने यूरोप के सात पूर्व कम्युनिस्ट देशों का सैनिक संगठन नैटो के नए सदस्य के रूप में स्वागत किया है. नैटो का ये सबसे बड़ा विस्तार है. स्लोवेनिया, बुल्गारिया, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया, रोमानिया और स्लोवाकिया मे सोमवार को वाशिंगटन में एक समारोह में नैटो की सदस्यता ली. व्हाइट हाउस में एक औपचारिक समारोह में राष्ट्रपति बुश ने इन सातों देशों के प्रधानमंत्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके देश नैटो के पूर्ण सदस्य और बराबर के भागीदार हैं. उन्होंने कहा, "पिछली सदी के जघन्य अपराधों में से कुछ के साक्षी रहे नए सदस्य हमारे संगठन के उद्देश्यों को नैतिक स्पष्टता दे सकेंगे." बुश ने कहा, "वे(नए सदस्य) अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में हमारे काम को जानते हैं क्योंकि उनके लिए तानाशाही की याद पुरानी नहीं हुई है...और अब वे दूसरों की जान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आगे आए हैं." पश्चिमी यूरोप के देशों ने सोवियत संघ से बचाव के लिए 1949 में नैटो का गठन किया था. सात नए सदस्यों के आने के बाद अब नैटो के सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है. शुक्रवार को ब्रसेल्स स्थित नैटो मुख्यालय में एक और समारोह होगा. अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने नए देशों को सदस्यता दिए जाने के अवसर पर कहा कि इससे यूरोप को संपूर्ण, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण बनाने का लक्ष्य और निकट आ गया है. बीबीसी के वाशिंगटन संवाददाता का कहना है कि नए सदस्यों में से कई अमरीका के समर्थक हैं और ऐसे में नैटो में उनके आने से फ़्रांस और जर्मनी जैसे देशों का प्रभाव कम होगा. |
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