| सैनिकों ने रम्सफ़ेल्ड को खरी-खोटी सुनाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असंतुष्ट अमरीकी सैनिकों ने इराक़ युद्ध के संचालन को लेकर रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड को चुनौती दी है. रम्सफ़ेल्ड ने कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग में दो हज़ार से ज़्यादा अमरीकी सैनिकों को संबोधित किया. रम्सफ़ेल्ड ने सैनिकों को इराक़ में उनकी तैनाती का महत्त्व समझाने की कोशिश की. मगर अमरीकी सैनिक उपकरणों और इराक़ में तैनाती को लेकर ख़ासे चिंतित थे. उन्होंने रम्सफ़ेल्ड पर इन मुद्दों से जुड़े कई सवाल दाग़े. कुछ सैनिकों ने इराक़ में लड़ाई के संचालन की आलोचना की और एक सैनिक ने कहा कि इराक़ में अमरीकी सेना के पास बख़्तरबंद वाहनों का भारी अभाव है. रम्सफ़ेल्ड ने सवाल दौहराने को कहा और कुछ समय बाद उन्हें जवाब दिया कि सैनिकों को जैसी भी उनकी सेना हो उस के साथ युद्ध के लिए जाना पड़ता है न कि एक ऐसी सेना के साथ जिसकी वे कल्पना करते हों. रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि बख़्तरबंद वाहन बनाने वाली कंपनियों को अपना उत्पादन बढ़ाने को कहा गया है. मगर साथ ही उन्होंने कहा कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों को जिस तरह के ख़तरे का सामना करना पड़ रहा है उससे बख़्तरबंद वाहन भी उन्हें शायद पूरी तरह से सुरक्षित ना कर पाए. पक्षपात के आरोप रम्सफ़ेल्ड ने ऐसे आरोपों को भी ख़ारिज कर दिया कि इराक़ में रिज़र्व और नैशनल गार्ड सैनिकों और सक्रिय सैनिकों के बीच पक्षपात किया जा रहा है. एक सैनिक ने आरोप लगाया कि सक्रिय सैनिकों को ज़्यादा आधुनिक सैन्य उपकरण दिए जा रहे हैं. एक सैनिक ने उनसे पूछा कि अमरीकी सेना कब तक सैनिकों को इराक़ में निर्धारित समय से ज़्यादा रखने की नीति अपनाएगी? इराक़ में इस समय क़रीब 7000 ऐसे सैनिक तैनात हैं जिन्हें काफ़ी समय पहले वापस अमरीका चले जाना था. इस पर रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि युद्ध के समय सैनिकों के लिए ज़िंदगी का कड़वा सच यही है. उन्होंने कहा, "हमरी कोशिश होगी कि कम से कम मौक़ों पर हम ये नीति अपनाए." एक वक़्त ऐसा भी आया जब रम्सफ़ेल्ड कुछ भावुक हो गए. उन्होंने कहा, "कुछ लोग इराक़ में हिंसा को देखते हैं और कहते हैं कि हम हार जाएंगे, मगर मुझे विश्वास है कि हम जीत जाएंगे." |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||