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यूक्रेन में बना हुआ है गतिरोध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में संसद की महत्वपूर्ण बैठक स्थगित हो गई है. प्रधानमंत्री यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा बुधवार को एक बार फिर शुरू होगी. इस बीच देश के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति चुनाव में धाँधलियों के आरोपों पर सुनवाई का काम जारी रखा है. विपक्षी नेता विक्टोर युशचेन्को ने देश की संसद से मांग की थी कि वह प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पास करे. संसद के अध्यक्ष ने यह कहते हुए कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी कि प्रस्ताव पर बहस में दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है. 21 नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच को विजयी घोषित कर दिया गया था. लेकिन विपक्षी नेता युशचेन्को ने मतदान में धाँधली का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई. अब यूक्रेन का सुप्रीम कोर्ट मतदान में धाँधली की शिकायत की जाँच कर रहा है. लेकिन कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का कोई भी निर्देश आने में एक सप्ताह का समय भी लग सकता है. दूसरी ओर निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने देश में नए सिरे से राष्ट्रपति चुनाव के प्रति समर्थन व्यक्त किया है. वैसे रूसी समर्थक माने जाने वाले प्रधानमंत्री यानूकोविच ने भी पहले कहा था कि अगर धाँधली के सबूत मिलते हैं तो वे कुछ इलाक़ों में पुनर्मतदान के लिए राज़ी हो सकते हैं. राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच दोनों नेताओं के समर्थक बड़ी संख्या में राजधानी किएफ़ में डटे हुए हैं. एक सप्ताह से भी ज़्यादा समय से ये समर्थक कड़कड़ाती सर्दी के बीच अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं. 'नियंत्रण नहीं' सोमवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को ने कहा कि वे अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इस सरकार ने देश पर से अपना नियंत्रण खो दिया है.
उन्होंने यानूकोविच के साथ बातचीत में मध्यस्थता कर रहे उनके सहयोगियों की निष्ठा पर भी सवाए उठाए और कहा कि ये मध्यस्थ बातचीत को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं. युशचेन्को ने कहा कि अगर हालात इसी तरह बने रहे तो वे इस बातचीत से अलग हो जाएँगे. उधर देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में यानूकोविच समर्थकों का कहना है कि अगर युशचेन्को देश के नए राष्ट्रपति बनें, तो वे इस इलाक़े के लिए स्वायत्तता की मांग करेंगे. निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने चेतावनी दी है कि स्थिति में सुधार नहीं आया तो देश की वित्तीय स्थिति चरमरा सकती है. यूक्रेन के सेंट्रल बैंक से आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लोग बैंक से रकम निकालने में जुटे हैं. अमरीका और यूरोपीय संघ ने भी यूक्रेन में हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे को स्वीकार करने से मना कर दिया था. दोनों ने इस बात पर चिंता जताई है कि मौजूदा संकट से देश का बँटवारा भी हो सकता है. पिछले सप्ताह देश के सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के नतीजे पर रोक लगा दी थी, जिसमें बताया गया था कि यानूकोविच को 49.46 प्रतिशत और युशचेन्को को 46.61 प्रतिशत मत मिले. युशचेन्को और उनके समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट में धाँधली की हज़ारों शिकायतें दर्ज कराईं हैं. |
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