|
डॉक्टरों को जाँच में 'ज़हर' नहीं मिला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात की जाँच में उन्हें ज़हर दिए जाने का कोई संकेत नहीं मिला था. सोमवार को जारी उनकी मेडिकल फ़ाइल में ये जानकारी दी गई है. संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी दूत और यासिर अराफ़ात के रिश्तेदार नासिर अल किदवा ने बताया कि इस बारे में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं मिले हैं. लेकिन उन्होंने इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि अराफ़ात को ज़हर नहीं दिया गया था. फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात का निधन पेरिस के एक सैनिक अस्पताल में 11 नवंबर को हो गया था. लेकिन उनकी बीमारी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है. फ़्रांस ने अराफ़ात का मेडिकल रिकॉर्ड उनकी पत्नी सूहा अराफ़ात की आपत्तियों के बावजूद किदवा को सौंप दिया. किदवा यासिर अराफ़ात के भतीजे हैं. एक संवाददाता सम्मेलन में किदवा ने बताया कि उन्होंने अभी पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है. यह रिपोर्ट 558 पेज की है. 'स्पष्ट नहीं' उन्होंने बताया कि दो प्रमुख विंदु क़ायम हैं- पहला ये कि उनकी मौत का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है और जाँच से ये पता चला है कि उन्हें कोई ज्ञात ज़हर नहीं दिया गया है. किदवा ने कहा कि फ़लस्तीनी जनता को अपने नेता यासिर अराफ़ात की मौत के कारणों को जानने का पूरा अधिकार है. अराफ़ात की मौत के कारणों का मुद्दा उनकी पत्नी सूहा अराफ़ात और फ़लस्तीनी प्रशासन के बीच मतभेद के कारण अभी भी धुंधला ही बना हुआ है. किदवा ने पत्रकारों को बताया, "मैं एक पत्नी की भावनाओं को समझ सकता हूँ. वे सूचना अपने पास रखना चाहती हैं. लेकिन हमें राजनीतिक विचारों को भी समझना चाहिए सिर्फ़ अपने निजी विचारों को नहीं." किदवा ने कहा कि अराफ़ात किसी एक व्यक्ति और किसी एक परिवार से संबंधित नहीं हैं बल्कि वे पूरे फ़लस्तीनी लोगों के हैं. उन्होंने कहा कि वे यह रिपोर्ट फ़लस्तीनी प्रशासन को सौंप देंगे जिसने इस मामले की जाँच के लिए एक समिति का गठन किया है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||