| अराफ़ात के बारे में पक्की ख़बर का इंतज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य-पूर्व के देशों की नज़र अराफ़ात के स्वास्थ्य से जुड़ी ख़बरों पर लगी हुई है. एक फ़लस्तीनी अधिकारी के अनुसार वह अचेतावस्था में हैं. अराफ़ात पेरिस के एक सैनिक अस्पताल में भर्ती हैं. उनके स्वास्थ्य को लेकर विरोधाभासी ख़बरें मिल रही हैं. अस्पताल सूत्रों के अनुसार उन्हें 'लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम' पर रखा गया है. एक फ़लस्तीनी अधिकारी ने कहा है कि अराफ़ात अचेतावस्था में हैं. पेरिस से बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार अराफ़ात के स्वास्थ्य को लेकर भले ही विरोधाभासी ख़बरें मिल रही हों लेकिन यह स्पष्ट है कि वह लगातार मौत के क़रीब जा रहे हैं. बुधवार रात को अराफ़ात की तबीयत फिर बिगड़ गई थी. फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने बुधवार को अस्पताल का दौरा किया. इस बीच अराफ़ात की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए इसराइल ने पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में अपने सैनिकों को सतर्क कर दिया है. फ़लस्तीनी इलाक़े में भी आपात बैठकों का दौर जारी है. बुधवार रात को ही अराफ़ात का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा था और उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में भर्ती कराया गया था. 75 वर्षीय यासिर अराफ़ात को पिछले सप्ताह पेरिस के एक सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. विरोधाभासी ख़बरें यासिर अराफ़ात के मुख्यालय रामल्ला में भी पत्रकारों की भीड़ लगी हुई है जो उनकी तबीयत के बारे में आधिकारिक सूचना के लिए वहाँ जुटे हैं. फ़लस्तीनी अधिकारी वहाँ लगातार बैठकें कर रहे हैं और एक वरिष्ठ फ़लस्तीनी अधिकारी तैयब अब्दुल रहीम ने कहा है कि इन अटकलों में कोई दम नहीं है कि अराफ़ात कोमा में चले गए हैं.
उधर फ़लस्तीनी मंत्री साएब एराकात ने कहा कि उन्होंने पेरिस स्थित फ़लस्तीनी अधिकारियों से बात की है. एराकात का कहना था कि अराफ़ात की तबीयत ख़राब ज़रूर है, उनकी स्थिति स्थिर है और वो कोमा में नहीं हैं. फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने भी बाक़ायदा प्रेस को बयान दिया. उन्होंने कहा, “हाँ उनका इलाज चल रहा है और आप चिंता न करें उनका इलाज हमारे विश्वासप्राप्त फ़्रांसीसी कर रहे हैं, सब कुछ ठीक है.” रामल्ला और पेरिस से अलग अलग जानकारी सामने आ रही है. पेरिस से फ़लस्तीनी सूत्रों के हवाले से अराफ़ात के कोमा में होने की बात कही जा रही है तो रामल्ला में अधिकारी कह रहे हैं कि वे कोमा में नहीं हैं. इस बीच, पेरिस से बीबीसी संवाददाता कैरोलीन वायट का कहना है कि गुरुवार सुबह अराफ़ात की तबीयत का हाल जानने एक फ़लस्तीनी प्रतिनिधिमंडल रामल्ला से पेरिस आने वाला था लेकिन अब उसका पेरिस आना भी टाल दिया गया है. |
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