| अराफ़ात के स्वास्थ्य को लेकर चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात की तबीयत काफ़ी ख़राब हो गयी है और डाक्टरों की टीम उनकी देखभाल में लगी हुई है. उन्हें रामल्ला स्थिति उनके मुख्यालय में ही रखा गया है, लेकिन बिगड़ती स्थिति के मद्देनज़र उन्हें निकट के अस्पताल में ले जाने पर विचार किया जा रहा है. इस बीच जॉर्डन के डॉक्टरों का एक दल अराफ़ात के इलाज के लिए रामल्ला पहुँचा है. ख़बर है कि मिस्र के डॉक्टरों का एक दल जल्दी ही वहाँ पहुँचने वाला है. वरिष्ठ फ़लीस्तीनी नेता उनके पास हैं, जबकि उनकी पत्नी सुहा पेरिस से रामल्ला के लिए रवाना हो चुकी है. अराफ़ात पिछले एक सप्ताह से पेट की गड़बड़ियों के कारण अस्वस्थ थे, लेकिन बुधवार को उनकी स्थिति अचानक ख़राब हो गई. अराफ़ात 75 साल के हैं. उनकी तबीयत ख़राब होने की ख़बर फैलते ही उनके मुख्यालय के बाहर लोगों की भीड़ होने लगी है. चिंता जहाँ अराफ़ात है उस इमारत के बाहर उनके एक सहयोगी नबील अबू रुदैना ने पत्रकारों को एक बयान पढ़कर सुनाया. बयान में कहा गया है कि ट्यूनीशिया के डॉक्टर और फ़लस्तीनी डॉक्टर अराफ़ात का इलाज कर रहे हैं.
कुछ अधिकारियों के अनुसार फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद कुरइ और वरिष्ठ नेता महमूद अब्बास, अराफ़ात के साथ है. इसराइली रेडियो ने ख़बर दी है कि अराफात बेहोश हो गए थे लेकिन इस रिपोर्ट का अराफ़ात के निकटवर्ती लोगों ने खंडन कर दिया है. फ़लस्तीनी विदेश मंत्री नबील साथ ने मंगलवार को कहा था कि अराफ़ात की तबीयत को लेकर डॉक्टर आश्वस्त है और कोई गंभीर बात नहीं है. इसराइल ने प्रस्ताव रखा था कि अगर ज़रुरत पड़े तो अराफ़ात को अस्पताल ले जाया जा सकता है. लेकिन इसराइल इस बात की गारंटी नहीं दे रहा है कि अस्पताल भेजे जाने के बाद क्या वह अराफ़ात को वापस उनके मुख्यालय में आने देगा. पिछले तीन साल से अराफ़ात रामल्ला के अपने मुख्यालय में हैं और इसराइली सेना ने उसे घेर रखा है. |
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