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अराफ़ात इलाज के लिए पेरिस पहुँचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात इलाज के लिए पेरिस पहुँच गए हैं. उन्हें रक्त से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए प्रसिद्ध एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शुक्रवार दोपहर में फ़्रांस का एक विमान उन्हें अम्मान से पेरिस के निकट एक सैन्य हवाई अड्डे तक लाया. बाद में हेलीकॉप्टर से उन्हें नजदीक के एक सैनिक अस्पताल में पहुँचाया गया. दो सप्ताह से पेट की गड़बड़ी से परेशान 75 वर्षीय फ़लस्तीनी नेता की बीमारी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि उन्हें जिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उसकी प्रसिद्धि रक्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए है. अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. शुक्रवार सुबह उन्हें पहले पश्चिमी तट के रामल्ला में उनके मुख्यालय से अम्मान ले जाया गया. सैनिक पोशाक पहने अराफ़ात ने हेलीकॉप्टर पर सवार होने से पहले हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया. कमज़ोर दिख रहे अराफ़ात ने अपने प्रशंसकों और समर्थकों से कहा, "इंशा अल्लाह, मैं वापस लौटूँगा." सैंकड़ो लोग उनके हेलीकॉप्टर को घेर कर खड़ा थे. वह ढ़ाई साल में पहली बार रामल्ला से बाहर निकल हैं.
इससे पहले इसराइल ने भरोसा दिलाया कि अगर फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात इलाज के लिए बाहर जाना चाहें तो उन्हें सुरक्षित लौटने दिया जाएगा. इसराइली रेडियो के मुताबिक़ प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन के एक सलाहकार डॉव वेसग्लास ने फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात के कार्यालय को यह संदेश भेजा. दो साल से भी ज़्यादा समय से इसराइली सैनिकों ने 75 वर्षीय यासिर अराफ़ात को रामल्ला स्थित उनके मुख्यालय में ही घेर रखा था. चिंता फ़लस्तीनी सुरक्षा बल पूरे इलाक़े में सतर्क हैं और इसराइली सैनिकों ने भी किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आपात तैयारी की है. रामल्ला के एक व्यापारी जावद जूडा ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया, "वे सभी फ़लस्तीनी परिवार के प्रमुख हैं. मुझे डर है कि अगर उनका निधन हो गया तो कोई भी अधिकारी नहीं रह जाएगा. हम लोगों के लिए यह बहुत बड़ी विपत्ति होगी." अराफ़ात पिछले एक सप्ताह से पेट की गड़बड़ियों के कारण अस्वस्थ थे, लेकिन बुधवार को उनकी स्थिति अचानक ख़राब हो गई. बीबीसी संवाददाता बारबारा प्लेट का कहना है कि पहले भी अराफ़ात की तबियत ख़राब हुई है लेकिन इस बार उनके कर्मचारियों और डॉक्टर कुछ ज़्यादा ही चिंतित दिख रहे हैं. |
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