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अमरीकी सैनिकों के निशाने पर सद्र सिटी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी लड़ाकू विमानों ने इराक़ में सद्र सिटी के संदिग्ध चरमपंथी ठिकानों पर बमबारी की है. अमरीकी सेना शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र समर्थकों के संदिग्ध ठिकानों पर नियमित रूप से हमला करती है. अमरीकी अधिकारियों ने सोमवार देर रात को हुए इस हमले की पुष्टि अभी तक नहीं की है. लेकिन यह ख़बर ऐसे समय आई है जब अमरीका ने इराक़ में जनवरी में होने वाले चुनाव से पहले विद्रोह को कुचलने का प्रण किया है. अमरीकी रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि बड़े पैमाने पर सैनिक कार्रवाई से हिंसाग्रस्त इलाक़ों से चरमपंथियों को ख़त्म किया जा सकेगा. न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि यही समारा में हुआ है. समारा में पिछले दिनों अमरीकी और इराक़ी सेना ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की और सैकड़ों विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया. निशाना जानकारों का कहना है कि समारा के बाद फ़लूजा और सद्र सिटी अमरीकी सैनिकों के निशाने पर हैं. रम्सफ़ेल्ड ने कहा कि विद्रोहियों को देश में शरण देने की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि वे इराक़ में गृह युद्ध को मुख्य ख़तरा नहीं मानते. उन्होंने कहा कि ख़तरा आतंकवादियों और उन लोगों से है जो बंधक बना कर लोगों की हत्या कर रहे हैं और जो लोग निर्दोष लोगों को भी नहीं छोड़ रहे. रम्सफ़ेल्ड का बयान आने से पहले इराक़ में सोमवार को दिनभर हिंसा की घटनाएँ होती रहीं. राजधानी बग़दाद में हुए दो बम धमाकों में कम से कम 20 लोग मारे गए और क़रीब 100 लोग घायल हो गए. पहला विस्फोट एक सेना भर्ती केंद्र के बाहर हुआ. जबकि इसके एक घंटे बाद दूसरा धमाका हुआ. उत्तरी शहर मूसल में भी एक प्राइमरी स्कूल के निकट कार विस्फोट हुआ जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता कैरोलिन हॉवले का कहना है कि इराक़ में बढ़ती हिंसा से जनवरी में होने वाले चुनावों पर शंका के बादल ज़रूर मँडरा रहे हैं लेकिन एक ताज़ा सर्वे के मुताबिक़ ज़्यादातर इराक़ी चुनावों को लेकर उत्साहित हैं. सर्वेक्षण में शामिल दो तिहाई इराक़ियों ने कहा कि यह बहुत संभव है कि वे मतदान में हिस्सा लें. |
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