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शुक्रवार, 01 अक्तूबर, 2004 को 07:18 GMT तक के समाचार
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बुश-कैरी की बहस में इराक़ की छाया
बुश-कैरी बहस
कैरी ने इराक़ युद्ध के मुद्दे पर बुश को घेरने की कोशिश की
अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के उम्मीदवारों जॉर्ज बुश और जॉन कैरी के बीच टेलीविज़न पर हुई बहस में इराक़ युद्ध का मुद्दा ही छाया रहा.

मौजूदा राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार बुश और डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार जॉन कैरी के बीच इराक़ की स्थिति से निपटने के तौर-तरीक़ों पर जम कर बहस हुई.

इसके अलावा देश की सुरक्षा और विदेश नीति पर भी कैरी और बुश ने एक-दूसरे को घेरने की कोशिश की.

कैरी ने इराक़ में सैनिक कार्रवाई को आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष जैसे व्यापक मुद्दे से ध्यान बँटाने की कोशिश बताया.

जबकि राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वे अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं और उन्हें पता है कि अमरीका जनता का नेतृत्व कैसे किया जाता है.

दो नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच यह पहली बहस थी. अभी दोनों के बीच दो और बहस होंगे.

इराक़ युद्ध

मियामी में हुई इस बहस के दौरान कभी-कभी ऐसा भी लगा कि राष्ट्रपति बुश थोड़ी परेशानी में हैं लेकिन बीबीसी संवाददाता रॉब वॉटसन का कहना है कि बुश ने तुरंत अपने को संभाल लिया.

 मैं मजबूत और दृढ़ संकल्प वाला होने में विश्वास रखता हूँ. मैं आतंकवादियों को खोज कर उन्हें ख़त्म कर दूँगा चाहे वे कहीं भी छिपे हों. लेकिन हमें इस मामले में तेज़-तर्रार होने की आवश्यकता है. तेज़-तर्रार होने का मतलब यह नहीं कि आप अफ़ग़ानिस्तान में लादेन के ख़िलाफ़ चल रहे संघर्ष से अपना ध्यान बँटा दें
जॉन कैरी

वॉटसन के अनुसार दोनों नेताओं के बीच कई तीखी झड़प भी हुई लेकिन इस पहले दौर की बहस में किसी को बढ़त हासिल हो गई, ऐसा नहीं कहा जा सकता.

जैसा की अंदाज़ा था कैरी ने इराक़ मामले पर राष्ट्रपति बुश को घेरने की कोशिश की और वहाँ सैनिक कार्रवाई के फ़ैसले पर सवाल उठाए.

कैरी ने कहा कि इराक़ में सैनिक कार्रवाई का संबंध 11 सितंबर के हमले से नहीं था और वहाँ कार्रवाई का फ़ैसला बहुत बड़ी भूल थी.

उन्होंने कहा, "मैं मजबूत और दृढ़ संकल्प वाला होने में विश्वास रखता हूँ. मैं आतंकवादियों को खोज कर उन्हें ख़त्म कर दूँगा चाहे वे कहीं भी छिपे हों. लेकिन हमें इस मामले में तेज़-तर्रार होने की आवश्यकता है. तेज़-तर्रार होने का मतलब यह नहीं कि आप अफ़ग़ानिस्तान में लादेन के ख़िलाफ़ चल रहे संघर्ष से अपना ध्यान बँटा दें."

जवाब

लेकिन बुश ने कैरी के इस आरोप को ठुकरा दिया कि इराक़ में सैनिक कार्रवाई का फ़ैसला ग़लत था.

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टेलीविज़न पर दिखाई गई बहस को लाखों लोगों ने देखा

बुश ने कहा कि उन्हें लादेन के साथ-साथ सद्दाम हुसैन से भी निपटना था.

राष्ट्रपति चुनाव के बारे में बुश ने कहा, "मैं जानता हूँ कि मैं जीत रहा हूँ. अमरीका के लोग जानते हैं कि मुझे उनका नेतृत्व करना आता है. मैं समझता हूँ कि मैंने जो भी फ़ैसले किए हैं उससे देश की जनता भी सहमत है. मैंने कुछ कड़े क़दम उठाए हैं लेकिन लोग जानते हैं कि मैंने ऐसा क्यों किया."

बुश ने कैरी पर आरोप लगाया कि वे इराक़ में अमरीका के सहयोगी देशों ब्रिटेन और पोलैंड को बदनाम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अमरीका ऐसे व्यक्ति के नेतृत्व में प्रभावी अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं हासिल कर सकता जो इराक़ युद्ध को भूल मानते हैं.

कैरी ने कहा कि बुश के फ़ैसले के कारण अमरीका को इराक़ युद्ध का न सिर्फ़ 90 फ़ीसदी ख़र्च उठाना पड़ा है बल्कि युद्ध में 90 फ़ीसदी लोग भी अमरीका के ही मारे गए हैं.

कैरी ने यहाँ तक कह दिया कि इराक़ में सोच-समझकर अपनाई गई नीति से वहाँ ज़मीनी हक़ीक़त भी बदलेगी और छह महीने में अमरीका अपने सैनिकों की वापसी भी शुरू कर सकता है.

अन्य मुद्दे

बहस के आख़िरी दौर में दोनों उम्मीदवारों ने सूडान के दारफ़ुर इलाक़े की भी चर्चा की और कहा कि वहाँ जो कुछ हो रहा है वह नरसंहार है.

दोनों नेताओं ने यह भी स्वीकार किया कि अमरीका के सामने सबसे बड़ा ख़तरा है परमाणु हथियारों का प्रसार.

कैरी ने कहा कि सबसे बड़ा ख़तरा इस बात को लेकर है कि कहीं पूर्व सोवियत संघ के देशों से निकलकर परमाणु उपकरण आतंकवादियों के हाथ में न पहुँच जाए.

उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया से बातचीत कर पाने में राष्ट्रपति बुश की नाकामी के कारण ही वहाँ परमाणु कार्यक्रम जारी है.

दूसरी ओर राष्ट्रपति बुश ने कहा कि उनका प्रशासन परमाणु प्रसार से निपटने की ज़ोरदार कोशिश कर रहा है.

 मैं जानता हूँ कि मैं जीत रहा हूँ. अमरीका के लोग जानते हैं कि मुझे उनका नेतृत्व करना आता है. मैं समझता हूँ कि मैंने जो भी फ़ैसले किए हैं उससे देश की जनता भी सहमत है. मैंने कुछ कड़े क़दम उठाए हैं लेकिन लोग जानते हैं कि मैंने ऐसा क्यों किया
जॉर्ज बुश

उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के साथ द्विपक्षीय बातचीत से ज़्यादा बहुपक्षीय बातचीत से फ़ायदा होगा.

बुश और कैरी के बीच टेलिविज़न पर हुई इस बहस को लाखों लोगों ने देखा. फ़्लोरिडा के यूनिवर्सिटी ऑफ़ मियामी में हुई इस बहस का संचालन किया जिम लेहरर ने.

दोनों नेताओं के बीच दूसरी बहस आठ अक्तूबर को मिसौरी में होगी. जबकि चुनाव से पहले आख़िरी बहस 13 अक्तूबर में एरिज़ोना में होगी.

उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डिक चेनी और जॉन एडवर्ड्स के बीच एकमात्र बहस ओहियो में पाँच अक्तूबर को होगी.

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