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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी भ्रष्टाचार से परेशान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने सदस्यों को चेतावनी दी है भ्रष्टाचार और अयोग्यता के कारण उसका सत्ता में बना रहना ख़तरे में है. पार्टी की सेंट्रल कमेटी ने अपनी नीति पर जारी एक दस्तावेज़ में ये चौंका देने वाला स्पष्ट संदेश दिया है. इस संदेश में कहा गया है कि ये मानकर नहीं चला जा सकता कि चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का ही शासन रहेगा. इस दस्तावेज़ में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान को पार्टी के अस्तित्व के लिए 'करो या मरो' की लड़ाई की संज्ञा दी गई है. हाल के वर्षों में चीन में हज़ारों अधिकारियों को भ्रष्टाचार के सिलसिले में सज़ा सुनाई गई है और कई अन्य को तो मौत की सज़ा भी सुनाई जा चुकी है. बीबीसी के बीजिंग संवाददाता का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि दस्तावेज़ को राष्ट्रपति हू जिंताओ का समर्थन हासिल है. वे चेतावनी देते आए हैं कि सत्ता का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार कम्युनिस्ट पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं. चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग ज़ेमिन ने हाल में देश के शक्तिशाली केंद्रीय सैनिक आयोग के प्रमुख का पद छोड़ा था और वर्तमान राष्ट्रपति हू जिंताओ ने ये पद सँभाला था. विश्लेषकों का मानना था कि इससे हू जिंताओं की संपूर्ण नेतृत्व की छवि सुदृढ़ हुई. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ताज़ा दस्तावेज़ से लगता है कि चीन की सत्ताधारी पार्टी की छवि को लेकर संकट पैदा हो गया है लेकिन ताज़ा आलोचना को पार्टी नेतृत्व का समर्थन है. कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों की आलोचना के कारण सदस्यों में ख़लबली मच गई है. |
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