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वरिष्ठ हमास सदस्य की धमाके में मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास के वरिष्ठ सदस्य इज़्ज़-अल-दीन शेख़ ख़लील की एक कार बम विस्फोट में मौत हो गई है. कार बम विस्फोट सीरिया की राजधानी दमिश्क में हुआ. दमिश्क में हमास के एक प्रवक्ता ने बताया कि ख़लील की कार में धमाका हुआ जिसके बाद उनकी मौत हो गई. विस्फोट में ख़लील की कार पूरी तरह नष्ट हो गई. हमास ने इसराइली ख़ुफ़िया सेवा मोसाद को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया है. इसराइल की ओर से अभी इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. ख़लील ग़ज़ा में हमास के लिए काम करते थे. लेकिन 1993 में इसराइल ने ख़लील को उनके कई समर्थकों के साथ ग़ज़ा से निकाल दिया था. बदला दमिश्क में हमास के प्रवक्ता मुशीर अल मसरी ने समाचार एजेंसियों को बताया, "इस विस्फोट के पीछे मोसाद का हाथ है. हम इसका बदला लेंगे. आंदोलन के नेता इस बारे में तय करेंगे." इसी महीने इसराइल में हुए आत्मघाती हमले के बाद अधिकारियों ने कहा था कि वे हमास नेताओं को नहीं छोड़ेंगे. इस हमले में 16 लोगों की मौत हुई थी. सीरिया इसराइल विरोधी चरमपंथी गुटों का समर्थन करता है लेकिन उसका कहना है कि समर्थन राजनीतिक है न की सैनिक. हमास के शीर्ष नेता ख़ालिद मेशाल भी सीरिया में ही रहते हैं. पिछले साल अक्तूबर में भी इसराइल ने दमिश्क के निकट 30 साल बाद पहली बार हमला किया था. इसराइल का कहना था कि उसने फ़लस्तीनी चरमपंथियों के एक ठिकाने को निशाना बनाया है. लेकिन सीरिया का कहना था कि इसराइली हमले का निशाना था एक शरणार्थी शिविर. गोलान पहाड़ियों को लेकर इसराइल और सीरिया में आज भी तनाव रहता है. 1967 के युद्ध में सीरिया से यह इलाक़ा छिन गया था. |
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