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बुश, अलावी गुमराह कर रहे हैं: कैरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में डैमोक्रैटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जॉन कैरी ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और इराक़ी प्रधानमंत्री ईयाद अलावी पर अमरीकी जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि वे अमरीकी जनता को इराक़ की स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दे रहे हैं. जॉन कैरी का कहना था कि दोनो नेता इराक़ की स्थिति के बारे में कुछ और ही कह रहे हैं जबकि गुप्तचर एजेंसी सीआईए की रिपोर्टें और वहाँ से आ रही ख़बरें कुछ और ही कहानी बताती हैं. इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने अमरीकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि इराक़ की स्थिति सुधर रही है.
उनका ये भी कहना था कि जनवरी में होने वाले चुनाव इराक़ की 'राजनीतिक क्रांति' में एक बड़ा कदम होंगे. चुनाव हर जगह नहीं उधर अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने संकेत दिया है कि इराक़ में जनवरी में कुछ विशेष जगह पर ही चुनाव हो पाएगा जबकि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में हो सकता है कि चुनाव करवाना संभव न हो. अमरीकी सीनेट की एक समिति को रम्सफ़ेल्ड ने बताया कि यदि चरमपंथी कुछ क्षेत्रों को अपना निशाना बनाते हैं तो हो सकता है कि वहाँ मतदान करवाना संभव न हो. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ की स्थिति पर प्रधानमंत्री अलावी का बयान अब अमरीकी चुनाव अभियान का हिस्सा बन गया है. उनका ये भी कहना है कि यदि अमरीकी मतदाता प्रधानमंत्री अलावी के बयान से संतुष्ट होते हैं तो हो सकता है कि राष्ट्रपति बुश के चुनाव दोबारा जीतने की संभावना बढ़ जाए. |
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