| इराक़ में 15 सुरक्षाकर्मी बंधक बने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अरबी टीवी स्टेशन अल जज़ीरा ने इराक़ी नेशनल गार्ड्स के 15 सदस्यों के बंधक बनाए जाने की ख़बर दी है. दूसरी ओर लंदन में इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी सोमवार को ब्रितानी विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री से बातचीत करेंगे. रविवार को इराक़ और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों ने इराक़ में विद्रोह का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की थी. दोनो नेताओं के बीच इराक़ में बंधक समस्या पर भी चर्चा हुई थी. ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने चेतावनी दी थी कि इराक़ में हो रहे संघर्ष से ही 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' का भविष्य तय होगा. इराक़ी प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा था कि इराक़ में जनवरी में चुनाव संभव कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र को क़दम उठाने चाहिए. गार्ड्स को बंधक बनाया अरबी टीवी स्टेशन अल जज़ीरा के अनुसार इराक़ में एक चरमपंथी गुट ने इराक़ी नेशनल गार्ड्स के बंधक बनाए 15 सदस्यों को जान से मार देने की धमकी दी है. वे चाहते हैं कि शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के एक समर्थक हाज़ेम अल आर्जी को 48 घंटे के भीतर छोड़ा जाए. उन्हें अमरीकी सेना ने बग़दाद में एक छापा मारकर पकड़ा था. अल जज़ीरा ने एक वीडियो प्रसारित किया है जिसमें कुछ बंधकों को दिखाया गया है जिनपर चरमपंथियों ने बंदूकें तान रखी थीं. एक अन्य घटना में ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने एक और अरबी टीवी स्टेशन अल अरेबिया पर एक ब्रितानी इंजीनियर को रिहा करने की अपील की है जिन्हें दो अमरीकियों के साथ बंधक बनाया गया है. उधर इराक़ में ताज़ा हिंसा में समारा में हुए एक आत्मघाती बम हमले में दो इराक़ी मारे गए. इनमें से एक सुरक्षाकर्मी था और दूसरा आम नागरिक था. |
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