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इराक़ पर हमला ग़ैर क़ानूनी थाः अन्नान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि पिछले साल अमरीका के नेतृत्व में इराक़ पर किया गया हमला ग़ैर-क़ानूनी था. बीबीसी के साथ इंटरव्यू में अन्नान ने कहा कि हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन था. उन्होंने कहा कि इराक़ पर किसी तरह की सैनिक कार्रवाई का निर्णय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को लेना चाहिए था न कि एक सदस्य देश को. अन्नान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इराक़ युद्ध से यह कड़वा अनुभव हासिल किया है कि ऐसे मुद्दों से निपटने का सबसे अच्छा रास्ता संयुक्त राष्ट्र के तहत काम करके ही निकल सकता है. उन्होंने कहा, " मुझे उम्मीद है कि हमें लंबे समय तक इराक़ जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा. भविष्य में ऐसी कार्रवाई बिना संयुक्त राष्ट्र की स्वीकृति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन के नहीं होनी चाहिए." अन्नान ने कहा कि उन्होंने अमरीका और सहयोगी देशों द्वारा इराक़ पर सैनिक कार्रवाई के लिए क़ानूनी आधार को चुनौती दी थी. इराक़ में जनवरी में होने वाले चुनाव के बारे में अन्नान ने कहा कि अगर वहाँ सुरक्षा व्यवस्था ऐसी ही रही तो साफ़-सुथरे चुनाव संभव नहीं. कोफ़ी अन्नान ने इसराइल के ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों के बारे में भी कहा और मध्य पूर्व शांति के लिए कथित रोडमैप पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि रोडमैप गहरे संकट में है लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. |
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