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कुछ बच्चों और महिलाओं को छोड़ा गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के एक स्कूल में क़रीब साढ़े तीन सौ बच्चों और लोगों को बंधक बनाने वाले बंदूकधारियों ने 32 लोगों को छोड़ दिया है. छोड़े गए लोगों में ज़्यादातर बच्चे और बूढ़ी महिलाएँ हैं. अब भी क़रीब 300 लोग स्कूल में बंदूकधारियों के क़ब्ज़े में हैं जिनमें ज़्यादातर बच्चे और औरतें हैं. इस बीच रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि बंधकों को छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे लेकिन बल प्रयोग से बचने की भी पूरी कोशिश की जाएगी. इस संकट के बाद अपनी पहली टिप्पणी में पुतिन ने कहा कि बंधकों को छुड़ाने के लिए सैनिक बल प्रयोग करने से बचा जाएगा. पुतिन की इस टिप्पणी के कुछ ही देर बाद बंदूकधारियों ने कुछ लोगों को छोड़ा. बंदूकधारियों और मध्यस्थकार के बीच घंटों चली बातचीत के बाद यह रिहाई हुई है. पड़ोसी इंगुशेतिया के पूर्व राष्ट्रपति रुसलान औशेव के बीचबचाव से रूसी सरकार और बंदूकधारियों के बीच संपर्क हुआ है. रुसलान को दोनों पक्षों का सम्मान हासिल है. बंदूकधारियों ने माँग की थी कि इंगुशेतिया में बंधक बनाए गए चेचन विद्रोहियों को रिहा किया जाए और चेचन्य में मौजूद रूसी सेनाएँ वापस हटाई जाएँ. लेकिन बाद में कुछ ऐसे संकेत मिले कि इन माँगों में कुछ तब्दीली हो गई. इसे पहले वहाँ कुछ विस्फोट और गोलीबारी की आवाज़ें सुनी गई थीं. रूसी अधिकारियों ने कहा है कि स्कूल पर क़ब्ज़ा किए जाने के बाद से 12 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें एक बंदूकधारी भी है. बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण है और कुछ कहना मुश्किल है.
कुछ बंधकों ने मोबाइल फ़ोन के ज़रिए अपने परिजनों से संपर्क किया है और कहा है कि अंदर के हालात बहुत ख़राब नहीं है. रूसी अधिकारियों का कहना है कि हथियारबंद लोगों की संख्या 17 है जिसमें महिलाएँ भी शामिल हैं और इन लोगों ने धमकी दी है कि अगर सैनिकों ने अंदर घुसने की कोशिश की तो वे पूरे स्कूल को विस्फोटक से उड़ा देंगे. रूसी समाचार एजेंसियों का कहना है कि बेसलान नामक शहर में इस स्कूल में सात लोग मारे जा चुके हैं, ये लोग कौन हैं इसके बारे में कोई पुख़्ता जानकारी नहीं दी गई है. बंधकों की सही संख्या का सिर्फ़ अनुमान लगाया जा रहा है, उत्तरी ओसेतिया के गृह मंत्री का कहना है कि बंधकों की संख्या 300 से 400 तक भी हो सकती है जिनमें से अधिकतर बच्चे हैं. संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने दक्षिणी रूस के एक स्कूल में सैकड़ों लोगों को बंधक बनाए जाने की घटना की निंदा करते हुए उनकी तुरंत और बिना शर्त रिहाई की माँग की है. परिषद की एक आपातकालीन बैठक के बाद जारी बयान में सभी देशों से अपील की गई है कि वे रूस के साथ सक्रिय सहयोग करें जिससे ऐसी आतंकवादी वाली कार्रवाइयों में लगे लोगों को सज़ा दिलाई जा सके. बताया गया है कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फ़ोन करके समस्या हल करने में मदद देने की पेशकश की है. हमलावरों ने जब स्कूल की इमारत पर हमला किया तो उसी भागदौड़ में कुछ बच्चे वहाँ से बच निकलने में कामयाब हो गए. बुधवार को छुट्टियों के बाद पहली बार स्कूल खुले थे और जब हथियारबंद लोग वहाँ घुसे तो बच्चों के अलावा कई अभिभावक भी मौजूद थे. उत्तरी ओसेतिया चेचेन्या की सीमा पर स्थित इंगुशेतिया के नज़दीक है जहाँ चेचन छापामार अक्सर हमले करते रहते हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हथियारबंद लोगों में सिर्फ़ पुरूष नहीं बल्कि महिलाएँ भी हैं, बताया जा रहा है कि इनमें से कई लोगों ने विस्फोटकों से भरी पेटियाँ बाँध रखी हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन अपनी छुट्टियाँ रद्द करके संकट को निबटाने के लिए लौट आए हैं और उन्होंने आंतरिक सुरक्षा मंत्री और केंद्रीय सुरक्षा सेवाओं के मुखिया को इस संकट को हल करने के लिए भेजा है. |
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