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गुरुवार, 05 अगस्त, 2004 को 06:44 GMT तक के समाचार
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सद्र ने संघर्ष विराम की अपील की
बग़दाद
हाल के महीनों में थानों पर बड़े हमले हुए हैं
इराक़ के नजफ़ शहर में अमरीकी सैनिकों और शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक चरमपंथियों के बीच हुए भारी संघर्ष के बाद सद्र ने संघर्ष विराम की अपील की है.

इस लड़ाई के दौरान एक अमरीकी हेलिकॉप्टर पर हमला कर उसे गिरा दिया गया था जिससे उसमें सवार चालक दल के दो सदस्य घायल हो गए.

नजफ़ में हुए संघर्ष में तीन लोग मारे गए हैं.

वहीं नजफ़ के उत्तर में स्थित महविल नगर में एक और पुलिस स्टेशन को कार बम से निशाना बनाया गया जिसमें नौ लोग मारे गए.

उधर दक्षिणी इराक़ के शहर बसरा में भी मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों और ब्रितानी सैनिकों के बीच संघर्ष हुआ है जिसमें दो विद्रोही मारे गए हैं.

बसरा में मुक़्तदा सद्र के समर्थकों ने अपने चार साथियों की गिरफ़्तारी के बाद ब्रितानी सेना के विरूद्ध नया विद्रोह शुरू करने की धमकी दी है.

तनाव

महविल
महविल में पुलिस थाने पर हमला हुआ

हालाँकि जून में नजफ़ में युद्धविराम पर सहमति हो गई थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से उस इलाक़े में तनाव लगातार बढ़ रहा था.

बुधवार देर रात संघर्ष शुरू हुआ और गुरूवार सुबह लड़ाई और तेज़ हो गई.

अमरीकी सेना का कहना है कि मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों ने नजफ़ में जब एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया तो इराक़ी गवर्नर ने अमरीकी सेना से सहायता माँगी.

एक वरिष्ठ सैनिक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि जब अमरीकी हेलिकॉप्टर एक घायल अमरीकी सैनिक को वहाँ से निकालने की कोशिश कर रहा था तो उस पर गोलियाँ बरसाई गईं.

हिंसा और अमरीका

हालाँकि इराक़ में हमले लगातार जारी हैं जिसमें इराक़ी भी मारे जा रहे हैं और अमरीकी सैनिक भी मगर इराक़ियो को सत्ता सौंपकर अमरीका को राजनीतिक फ़ायदा हुआ है.

जून में अमरीका के 40 सैनिक मारे गए थे और जुलाई में 61.

ज़ाहिर है कि यह अमरीका के लिए बड़ी चिंता का विषय है, दूसरी ओर कुछ विश्लेषक यह भी सवाल कर रहे हैं कि क्या सत्ता हस्तांतरण में जल्दबाज़ी तो नहीं की गई.

फिर भी सत्ता हस्तांतरण से इराक में लोकतांत्रिक सरकार के गठन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सका है.

मगर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इराक में रोज़मर्रा के सैनिक संघर्ष से अमरीका ने अपने को काफ़ी हद तक अलग कर लिया है.

अब अमरीकी सैन्य प्रवक्ता रोज़ पत्रकार सम्मेलन करके दिन भर की घटनाओं का ब्यौरा नहीं दे रहे.

अमरीकी सैनिक अभी भी सक्रिय हैं मगर उन पर से ध्यान कुछ हट रहा है.

इससे बुश प्रशासन आतंकवाद विरोधी मुहिम पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसमें अपनी भूमिका जनता के सामने पेश कर रहा है जो कि उसके लिए अपेक्षाकृत सहज है.

और इसका उसे चुनावों में कुछ लाभ भी हो सकता है.

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