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इराक़ में चर्चों के पास विस्फोट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में राजधानी बग़दाद और मूसल शहर में रविवार को कई विस्फोट हुए हैं. चर्चों के पास हुए इन विस्फोटों में 10 लोग मारे गए हैं जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं. इराक़ में चरमपंथियों ने अल्पसंख्य ईसाई समुदाय के ख़िलाफ़ पहली बार इतना सुनियोजित हमला किया है. पुलिस के अनुसार चार विस्फोट बग़दाद में और एक मूसल शहर में हुए. पहला विस्फोट बग़दाद में एक अर्मेनियन चर्च के पास हुआ. इसके थोड़ी ही देर बाद राजधानी के तीन और चर्चों के पास विस्फोट हुए. इन विस्फोटों के थोड़ी ही देर बाद उत्तरी शहर मूसल में पुलिस स्टेशन के बाद एक विस्फोट हुआ. मूसल में इससे पहल रविवार को ही हुए एक कार बम विस्फोट में पाँच लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए. कार बम एक पुलिस स्टेशन के बाहर हुआ और हताहत हुए लोगों में कुछ पुलिसकर्मी शामिल हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के बग़दाद में पहला विस्फोट एक अर्मेनियन चर्च के पास शाम की प्रार्थना के वक़्त एक कार बम के रूप में हुआ. चर्च में उस समय मौजूद जुलियट एगॉब ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "मैंने घायल लोगों को देखा. चर्च में हर जगह काँच बिखरे पड़े हैं." इसके 10 मिनट बाद ही 400 मीटर दूर एक सीरियन कैथोलिक चर्च के पास दूसरा विस्फोट हुआ. इसके बाद दो चर्चों के बाहर विस्फोट हुए. मारे गए लोगों में सबसे ज़्यादा आठ लोग दक्षिणी बग़दाद के चर्च के पास हुए विस्फोट का शिकार बने. |
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