BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 18 जुलाई, 2004 को 07:10 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
फ़लस्तीन में सरकार को लेकर अनिश्चितता
ग़ज़ा में प्रदर्शनकारी
ग़ज़ा में हथियारबंद प्रदर्शनकारियों ने विरोध में प्रदर्शन किया
फ़लस्तीन में प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई के इस्तीफ़े के बाद सरकार के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

सरकार के एक मंत्री जमाल शुबाकी ने पत्रकारों को बताया है कि फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात के इस्तीफ़ा स्वीकार करने से इनकार के बावजूद क़ुरई इस्तीफ़ा वापस नहीं लेंगे.

ग़ज़ा पट्टी में कई अपहरणों के बाद पैदा हुई समस्या पर और बातचीत के लिए सोमवार को कैबिनेट की फिर बैठक होगी.

यरुशलम में मौजूद बीबीसी संवाददाता डेविड चज़ान के अनुसार फ़लस्तीनी अधिकारी नेतृत्व संकट हल करने के लिए कई आपातकालीन बैठक और बातचीत कर रहे हैं.

मगर इस पूरी स्थिति का कोई सहज हल नहीं दिख रहा है और अराफ़ात के फ़लस्तीनी प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग़ज़ा में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं.

शनिवार शाम को लगभग दो हज़ार लोगों ने ग़ज़ा शहर की सड़कों पर मार्च किया. उनके साथ कई नक़ाबपोश हथियारबंद लोग भी चल रहे थे.

ये लोग फ़लस्तीन के सुरक्षा प्रमुख के रूप में अराफ़ात के भतीजे की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं. इन लोगों की माँग एक स्वच्छ सरकार की है.

अराफ़ात के अपने ही फ़तह आंदोलन के एक गुट के कुछ लोगों ने रात में फ़लस्तीनी ख़ुफ़िया सेवा के एक ऑफ़िस को आग लगा दी.

इन सब घटनाक्रम से अराफ़ात के सामने एक चुनौती खड़ी हो गई है और कई फ़लस्तीनी अधिकारियों को चिंता है कि उन्हें राजनीतिक अस्थिरता के एक लंबे दौर से गुज़रना पड़ सकता है.

मगर इन सबके बावजूद फ़लस्तीनी संघर्ष के पर्याय बन चुके अराफ़ात के पास ही नेतृत्व है और कई फ़लस्तीनी विश्लेषकों के अनुसार वह पहले की ही तरह एक बार फिर इस चुनौती का सामना सफलता से कर लेंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>