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फ़लूजा में कार्रवाई को अलावी का समर्थन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के नए प्रधानमंत्री का कहना है कि फ़लूजा में हुई अमरीकी कार्रवाई में उनकी सरकार ने प्रमुख भूमिका निभाई. इस हमले में 10 लोग मारे गए थे. ईयाद अलावी ने एक बयान में कहा कि उनकी सरकार ने हमले से पहले ख़ुफ़िया जानकारी उपलब्ध कराई थी. अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे घर को निशाना बनाया गया, जिसमें अल क़ायदा नेता अबू मुसाब अल-ज़रक़ावी के समर्थकों के पनाह लेने का शक था. अमरीकी सेना ने 19 जून के बाद से ये पाँचवाँ हवाई हमला किया है. अमरीकी सेना ने कहा कि उसने लगभग सवा दो सौ किलो के चार बम और साढ़े चार सौ किलो के दो बम गिराए. अलावी ने बयान में कहा, "इराक़ी सरकार के अधिकारियों और बहुराष्ट्रीय सेना के बीच चर्चा के बाद इराक़ी सुरक्षा बलों ने स्पष्ट ख़ुफ़िया जानकारी मुहैया कराई." अमरीकी सेना ज़रक़ावी पर फ़लूजा में अमरीका विरोधी कामों का आरोप लगाती रही है. बीबीसी की जूलियन बेडफ़ोर्ड का कहना है कि अलावी का ये बयान दिखाता है कि वह विदेशी चरमपंथियों के विरुद्ध हो रही कार्रवाई में अपने प्रशासन को खुले तौर पर अमरीकी नेतृत्व वाली सेना के साथ दिखाए. फ़लूजा में हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोग ग़ुस्से में दिखे. एक आम नागिरक ने पूछा कि क्या इराक़ी सरकार को ये स्वीकार है? तो वहीं दूसरे का कहना था कि अब मानवाधिकार कहाँ हैं? घटनास्थल पर बचावकर्मी मदद में लगे हैं. |
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