|
'चरमपंथियों को रोक नहीं रहे पड़ोसी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ ने पड़ोसी देशों पर आरोप लगाया है कि वे विदेशी चरमपंथियों को देश में घुसने से रोकने में विफल रहे हैं. इराक़ के अंतरिम विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने बीबीसी को बताया कि नई सरकार ने पड़ोसी देशों से बार-बार आग्रह किया है कि सीमा पर नियंत्रण कड़ा किया जाए मगर इस बारे में कुछ ख़ास नहीं किया गया है. ज़ेबारी ने कहा कि ये समस्या सभी पड़ोसी देशों के साथ है मगर उन्होंने ख़ासतौर पर सीरिया और ईरान का उल्लेख किया है. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इराक़ किसी सरकार को चरमपंथियों को मदद देने का आरोप नहीं लगा रहा है. मगर उन्होंने ये ज़रूर कहा कि ख़ुफ़िया सेवाओं में निचले स्तर पर कुछ साठ-गाँठ हो सकती है. ज़ेबारी का ये भी कहना था कि ये मामला इराक़ और उसके पड़ोसी आपस में मिलकर सुलझा लेंगे और इसमें अमरीका को शामिल होने की ज़रूरत नहीं है. वैसे अमरीका इससे पहले कहता रहा है कि सीरिया चरमपंथियों को इराक़ में जाने दे रहा है. अमरीका का कहना है कि ये आतंकवाद को बढ़ावा देना है और इसीलिए उसने सीरिया को अधिकतर निर्यात पर पाबंदी लगा दी है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||