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नए महानिदेशक ने कार्यभार संभाला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मार्क थॉमसन ने बीबीसी के नए महानिदेशक के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है, वे पूर्व महानिदेशक ग्रेग डाइक की जगह ले रहे हैं. छियालिस वर्षीय मार्क थॉमसन टेलीविज़न नेटवर्क चैनल-फ़ोर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद छोड़कर बीबीसी आ रहे हैं. ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के सलाहकार डॉक्टर केली की मृत्यु की जाँच करने वाले हटन आयोग की रिपोर्ट से उठे विवाद के कारण ग्रेग डाइक ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. मार्क थॉमसन की नियुक्ति की प्रशंसा करते हुए ब्रिटेन की संस्कृति मंत्री टेसा जॉवेल ने कहा कि उनके आने से बीबीसी में नया उत्साह और नई दिशा आएगी. थॉमसन पहले भी बीबीसी के लिए काम कर चुके हैं और कॉर्पोरेशन की ताक़तों और समस्याओं से अच्छी तरह परिचित हैं. इससे पहले चैनल फ़ोर में नौकरी के दौरान थॉमसन ने कहा था कि वे इस तरह के किसी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे लेकिन 21 मई को उन्होंने घोषणा की कि वे इस पद पर आने के लिए तैयार हैं. एक संवाददाता सम्मेलन में थॉमसन ने कहा कि "यह ज़िम्मेदारी अपने आप में एक बार मिलने वाला अवसर है." ग्रेग डाइक के इस्तीफ़े के बाद मार्क बायफ़र्ड ने कार्यकारी महानिदेशक के तौर पर ज़िम्मेदारी संभाली थी, मार्क बायफ़र्ड बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के निदेशक रह चुके हैं. हटन रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद बीबीसी के चेयरमैन गेविन डेविस ने भी इस्तीफ़ा दे दिया था, उनकी जगह माइकल ग्रेड ने ली है. चुनौतियाँ उन्होंने ऐसे समय में कार्यभार संभाला है जबकि बीबीसी के चार्टर (वे नियम और शर्तें जिनके तहत बीबीसी काम करती है) की समीक्षा होनी है और एक सप्ताह के भीतर बीबीसी को अपना पक्ष प्रस्तुत करना है.
चार्टर की इस समीक्षा में कॉर्पोरेशन को मिलने वाली सरकारी सहायता, लाइसेंस फ़ीस और व्यावसायिक अनुबंध वगैरह शामिल हैं जो बीबीसी के दीर्घकालिक भविष्य पर गहरा असर डालेंगे. हटन में रिपोर्ट में आलोचना झेलने के बाद बीबीसी को शिकायतों के निबटारे की प्रक्रिया और संपादकीय नीतियों का भी प्रकाशन करना है. बीबीसी के कार्यक्रमों को भी पिछले कुछ वर्षों में कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है, कुछ लोगों का कहना है कि बीबीसी जनता के टैक्स के पैसे से वही चीज़ें दिखा रहा है जो दूसरे व्यावसायिक चैनल बिना लोगों की जेब पर बोझ डाले पेश कर रहे हैं. बीबीसी पर यह आरोप भी लगे हैं कि संगठन बहुत बड़ा है और मीडिया के क्षेत्र में उसका एकाधिकार स्थापित हो गया है, जो अनुचित है. इन सवालों का कारगर जवाब ढूँढना और नए चेयरमैन के साथ मिलकर कॉर्पोरेशन को आगे बढ़ाना थॉमसन के लिए चुनौती होगी. |
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