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सऊदी बंधक संकट समाप्त, 22 मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब के अधिकारियों का कहना है कि ख़ोबर शहर में विदेशी कर्मचारियों पर संदिग्ध चरमपंथियों के हमले में 22 नागरिक मारे गए हैं. सऊदी गृहमंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि मारे गए लोगों में कई लोग विदेशी भी हैं जिनमें एक अमरीकी, एक ब्रितानी और एक इतालवी नागरिक है. समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि कार्रवाई में दो भारतीय नागरिक भी मारे गए हैं. एजेंसी के अनुसार रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने इनमें एक व्यक्ति की पहचान कर्नाटक के मंगलौर शहर के एक निवासी के तौर पर की गई है मगर दूसरे व्यक्ति की पूरी तरह पहचान की जानी बाक़ी है. सऊदी सरकार के बयान में मगर ये स्पष्ट नहीं किया गया कि ये सभी 22 लोग रविवार को बंधक समस्या ख़त्म करने के लिए की गई कार्रवाई में मारे गए या ये शनिवार से लेकर अभी तक मारे गए लोगों की संख्या है. संदिग्ध हमलावरों ने शनिवार को ख़ोबर शहर में विदेशी कर्मचारियों पर हमले किए जिसके बाद वे एक परिसर में चले गए और वहाँ कई लोगों को बंधक बना लिया. परिसर पर क़ब्ज़ा करने से पहले हमलावरों ने 10 लोगों को मार भी डाला जिनमें कुछ विदेशी नागरिक थे. 24 घंटे के बाद ये बंधक संकट रविवार को समाप्त हुआ जब विशेष कार्रवाई कर 50 विदेशियों में से अधिकतर लोगों को छुड़ा लिया गया. कमांडो कार्रवाई सऊदी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार बंधकों को उस समय रिहा करवाया गया जब सऊदी कमांडो दस्ते ने उस इमारत में धावा बोल दिया जिसमें चरमपंथियों ने लोगों को बंधक बनाकर रखा था. 40 कमांडो उस इमारत की छत पर हेलिकॉप्टर से उतारे गए और बंधकों को छुड़ाया. कम से कम एक चरमपंथी को गिरफ़्तार किए जाने की ख़बर मिली. पूरी घटना का ब्यौरा धीरे-धीरे आ रहा है और इसी क्रम में मिल रही ख़बरों के अनुसार कुछ बंधकों की मौत भी हुई है. सऊदी सुरक्षा अधिकारियों ने सिर्फ़ इतना ही कहा, "संकट ख़त्म हो गया है. एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है जबकि दो अन्य गिरफ़्तार किए ही जाने वाले हैं क्योंकि उन्हें पूरी तरह घेरा जा चुका है." इससे पहले अमरीका में सऊदी अरब के राजदूत प्रिंस बांदर बिन सुल्तान ने आशंका जताई थी कि कार्रवाई में कुछ बंधक भी मारे गए हैं और चरमपंथियों में से कुछ का संबंध अल क़ायदा से है. हमला
शनिवार को सैनिक पोशाक पहने इन चरमपंथियों ने शहर में तेल से जुड़े कई ठिकानों को अपना निशाना बनाया. इन चरमपंथियों ने स्वचालित हथियारों से अंधाधुँध गोलियाँ चलाईं. हमले में कई वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. सऊदी अरब के शहजादे अब्दुल्ला बिन अब्दुल अज़ीज़ ने बताया कि शनिवार को हुए चरमपंथी हमलों में 10 लोग मारे गए हैं. अमरीकी दूतावास ने एक अमरीकी व्यक्ति के मारे जाने की पुष्टि की है लेकिन ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि वे इस ख़बर की जाँच कर रहे हैं कि मरने वालों में एक ब्रितानी नागरिक भी शामिल था. कड़ाई शाहज़ादा अब्दुल अज़ीज़ ने कहा कि हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों से कड़ाई से निपटा जाएगा. सऊदी अरब में पहले भी पश्चिमी ठिकानों पर कई हमले हो चुके हैं. मई में ही यहाँ एक और ऐसा ही हमला हुआ था जिसमें छह विदेशी नागरिक मारे गए थे. अमरीका ने एक बार फिर सऊदी अरब में अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे वहाँ से हट जाएँ. |
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