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करबला में महीने भर पुराना संघर्ष थमा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शियाओं के पवित्र शहर कर्बला में अमरीकी सैनिकों और शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के बीच संघर्ष थम गया है. यहाँ पिछले एक महीने से दोनों पक्षों के बीच भारी लड़ाई चल रही थी. बीबीसी संवाददाता के अनुसार फ़िलहाल कर्बला में स्थिति शांत लग रही है. वैसे संघर्ष रोकने के लिए किन शर्तों पर समझौता हुआ इसका पता नहीं चल सका है. अमरीकी सेना का कहना है कि उन्होंने अपने सैनिकों को बस दूसरी तरह से तैनात किया है उन्हें हटाया नहीं है. सेना का कहना है कि स्थिति तभी शांत हो सकती है जब मुक़्तदा अल सद्र समर्पण कर दें और अपनी सेना भंग कर दें. इस बीच मुक़्तदा अल सद्र ने कहा है कि उनकी समर्थक सेना कर्बला और नजफ़ शहर से तभी हटेगी जब अमरीकी सैनिक वहाँ से हट जाएँगे. अमरीकी गठबंधन ने शिया नेता के साथ सीधे बातचीत करने से इनकार कर दिया है. शुक्रवार को लगभग 2000 इराक़ी प्रदर्शनकारियों ने शिया नेता सद्र के समर्थकों के कर्बला से बाहर निकल जाने की माँग करते हुए प्रदर्शन किया था. मंगलवार को इराक़ में शियाओं के सबसे बड़े नेता आयतोल्ला अली सिस्तानी ने भी कहा था कि नजफ़ और कर्बला से सभी हथियारबंद लोगों को बाहर चला जाना जाहिए. |
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