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ग़ज़ा के लिए नई योजना पर विचार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि वह ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाने के बारे में अब एक नई योजना बना रहे हैं. ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाने की योजना को शेरॉन के ही दल लिकुड पार्टी ने पिछले सप्ताह नामंज़ूर कर दिया था. शेरॉन ने कहा है कि इस वैकल्पिक योजना को तीन सप्ताह के अंदर तैयार कर लिया जाएगा. शेरॉन ने यह भी कहा कि वह अब अपनी वैकल्पिक योजना पर और समय माँगने के इरादे से अमरीका की अपनी पूर्वनिर्धारित यात्रा रद्द कर रहे हैं. येरुशलम में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि संकेत इस तरह के हैं कि अरियल शेरॉन अपने आलोचकों की कुछ आपत्तियों पर कुछ ग़ौर करके अपनी मूल योजना को ही मंज़ूरी दिलाने की कोशिश करेंगे. शेरॉन की सरकार के बहुत से मंत्रियों ने माँग की है कि ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाने के बारे में उनसे विस्तृत रूप से सलाह मशविरा किया जाए. उधर उदारवादी शिनुई पार्टी ने धमकी दी है कि अगर फ़लस्तीनियों के साथ राजनयिक प्रयास जारी नहीं रखे गए तो वह सरकार चला रहे गठबंधन से बाहर हो जाएगी. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अरियल शेरॉन की इस योजना को अपना समर्थन दिया था लेकिन शेरॉन की लिकुड पार्टी के एक जनमतसंग्रह में इस योजना को नामंज़ूर कर दिया गया. एक पहलू यह भी है कि उस योजना में फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में मौजूद यहूदी बस्तियों को हटाने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. |
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