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अरियल शेरॉन की ग़ज़ा योजना नामंज़ूर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल में एग्ज़िट पोल से संकेत मिल रहे हैं कि इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की ग़ज़ा पट्टी से जुड़ी योजना को उनकी लिकुड पार्टी ने ख़ारिज कर दिया है. इस योजना के तहत ग़ज़ा पट्टी से बस्तियों और सैनिकों को हटाने की बात थी मगर शेरॉन अपने साथियों को इसके लिए सहमत नहीं कर सके. उधर इसराइली हेलिकॉप्टरों से दाग़ी गई मिसाइलों ने ग़ज़ा शहर को निशाना बनाया है. इससे पहले गज़ा पट्टी में एक यहूदी बस्ती के पास इसराइली लोगों पर हुए एक हमले में पाँच लोग मारे गए थे. मरनेवालों में एक महिला और चार बच्चे थे. उधर फ़लस्तीनी सूत्रों ने पश्चिमी तट के शहर नाबलुस में एक कार में विस्फोट की बात कही है जिसमें चार चरमपंथियों के मारे जाने की ख़बर आ रही है. कुछ ख़बरों के अनुसार कार को इसराइली विमान ने निशाना बनाया हालाँकि इसराइली सेना की ओर से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई है. इसराइली मिसाइलों ने एक 12 मंज़िली इमारत को निशाना बनाया जिसमें हमास का एक रेडियो स्टेशन था. सैनिक सूत्रों के अनुसार इस स्टेशन से भड़काऊ बातें प्रसारित होती थीं. इसराइली सेना का कहना है कि रविवार को कुछ फ़लस्तीनी बंदूकधारियों ने उनकी गाड़ी पर निशाना लगाया. अरियल शेरॉन ने मतदान से पहले अपनी पार्टी के सदस्यों से इस योजना को समर्थन देने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि गज़ा पट्टी से हटने से इसराइल की सुरक्षा और बेहतर होगी. मगर मतदान से पहले किए गए सर्वेक्षणों से ऐसा लग रहा था कि शेरॉन के प्रस्ताव को बहुत कम अंतर से हार का सामना करना पड़ सकता है. समझा जाता है कि ऐसी स्थिति में इसराइल में नया संकट खड़ा हो सकता है. प्रधानमंत्री शेरॉन ने स्पष्ट तौर पर यह नहीं कहा है कि अगर योजना नामंज़ूर हुई तो वे त्यागपत्र दे देंगे लेकिन उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि उनके लिए पार्टी का नेतृत्व करना मुश्किल होगा और इसराइल-अमरीका संबंध प्रभावित होंगे. |
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