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बुश की मध्यपूर्व नीति की आलोचना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व अमरीकी राजनयिकों ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को चिट्ठी लिखकर उनकी मध्यपूर्व नीति की आलोचना की है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने यह ख़बर दी है. कुछ दिनों पहले ब्रिटेन में भी पूर्व राजनयिकों ने प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को पत्र लिखा था. रॉयटर्स को मिली पूर्व अमरीकी राजनयिकों की चिट्ठी में कहा गया है कि राष्ट्रपति बुश की मध्यपूर्व नीति के कारण अमरीका की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को धक्का पहुँचा है. इन पूर्व राजनयिकों का कहना है कि इस नीति के कारण ही अमरीका के कई मित्र देश उससे छिटक रहे हैं. इन पूर्व राजनयिकों ने ख़ास तौर पर इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन को दिए जा रहे खुले समर्थन की कड़ी आलोचना की है. इनका कहना है कि अमरीका इसरायल की तरफ़ से हो रही ग़ैर क़ानूनी हत्याओं को भी नज़रअंदाज़ कर रहा है. इसराइल की सुरक्षा बाड़ की आलोचना करते हुए इन राजनयिकों ने कहा कि वो इस बात से भी चिंतित हैं कि ग़ज़ा पट्टी से एकतरफ़ा तरीक़े से हटने की शेरॉन की योजना को बुश ने हरी झंडी दे रखी है. |
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