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फ़लूजा में कार्रवाई पर बुश और अन्नान के मत अलग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के फ़लूजा शहर में अमरीकी सेना की कार्रवाई जारी है. मगर इस लड़ाई पर अमरीकी राष्ट्रपति बुश और संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान के मत बिल्कुल अलग हैं. जॉर्ज बुश ने फिर दोहराया है कि फ़लूजा पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए हर तरह की कार्रवाई की जाएगी. मगर कोफ़ी अन्नान का कहना है कि अमरीकी कार्रवाई से बात बिगड़ सकती है. मतभेद सुन्नी बहुल फ़लूजा में अमरीकी मरीन सैनिकों ने पिछले लगभग तीन सप्ताह से लगभग दो हज़ार विद्रोहियों को घेर रखा है. बुश ने इनलोगों को चरमपंथी बताया है और कहा है कि ये लोग इराक़ में जून में सत्ता हस्तांतरण की राह में बाधा डालना चाहते हैं. लेकिन संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि फ़लूजा में अमरीकी सेना की कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं. अन्नान ने कहा कि उन्होंने अमरीका से कहा है कि वह फ़लूजा में संघर्ष से बचे क्योंकि अगर इराक़ी लोगों को ये लगा कि आम लोगों को नुक़सान उठाना पड़ रहा है तो वहाँ विरोध और बढ़ जाएगा. स्थिति अमरीकी सेना ने बुधवार को फ़लूजा पर नियंत्रण बनाने के लिए दिनभर कार्रवाई की और रात को भी बमबारी की. अमरीकी हेलीकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों ने विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले किए जिसके बाद फ़लूजा के ऊपर धुआँ निकलता नज़र आया. अमरीकी सेना का कहना है कि बुधवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में उनपर भी हमले किए गए. |
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