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नजफ़ में 40 से ज़्यादा 'विद्रोही' मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेनाओं का कहना है कि उन्होंने इराक़ी शहर नजफ़ के क़रीब सैन्य कार्रवाई में चालीस से ज़्यादा लोगों को मार दिया है जिन्हें वे विद्रोही बता रहे हैं. उन्होंने इस कार्रवाई के ज़्यादा विवरण नहीं दिए लेकिन यह कहा कि एक लड़ाकू विमान से किए गए इस हमले में एक विमानरोधी हथियार भी नष्ट कर दिया गया. यह हमला अमरीकी सैनिकों के उस अड्डे पर पहुँचने के कुछ ही देर बाद हुआ जिसे स्पेनी सैनिक टुकड़ियाँ ख़ाली करने वाली हैं. इस समय प्रमुख धार्मिक नेता मुक़्तदा अल सद्र नजफ़ में ही पनाह लिए हुए हैं और यहाँ से ही शिया नेता गठबंधन सेनाओं का विरोध करते आ रहे हैं.
उधर, अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पावेल का कहना है कि तेरह जून के बाद सत्ता संभालने वाली इराक़ की अंतरिम सरकार को कुछ अधिकार अमरीकी अधिकारियों को भी देने होंगे. उनका कहना था कि यह ज़रूरी है कि गठबंधन सेनाएँ अमरीकी कमांड के तहत वहाँ काम करती रहें. उनका कहना है कि इराक़ी सरकार पहले पूरी प्रभुसत्ता संभालेगी लेकिन फिर कुछ अधिकार अमरीका को सौंप देगी. मंगलवार से ही अमरीकी सैनिकों और इराक़ी सुरक्षा बलों को फ़लूजा में संयुक्त गश्त शुरू करनी थी लेकिन उसे फ़िलहाल स्थगित करने का फ़ैसला किया गया है. शहर पर नियंत्रण पाने के लिए होने वाली यह गश्त अब कहा जा रहा है इस हफ़्ते बाद में शुरू होगी. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पावेल का कहना है कि अमरीका अभी इस बात का जायज़ा लेगा कि संयुक्त गश्त कितनी कारगर साबित होगी. उनका कहना था कि फ़लूजा में व्यवस्था क़ायम करने के लिए सैन्य कार्रवाई का फ़ैसला उसके बाद ही किया जाएगा. |
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