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फ़लूजा में फिर हिंसा भड़की, नौ मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी शहर फ़लूजा में संघर्ष विराम समझौते के बावजूद अमरीकी सैनिकों और इराक़ी विद्रोहियों के बीच लड़ाई शुरू हो गई है. ख़बर है कि 100 से ज़्यादा इराक़ी विद्रोहियों ने अमरीकी गश्ती दल पर हमला किया और एक अमरीकी सैनिक की हत्या कर दी. इस हमले में आठ सैनिक घायल भी हुए हैं. जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है. अमरीकी सैनिक प्रवक्ता का कहना है कि गोलीबारी में आठ इराक़ी विद्रोही भी मारे गए हैं. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमरीका ने फ़लूजा पर कार्रवाई रोकने की बात कही थी. इस बीच फ़लूजा की स्थानीय परिषद ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह अमरीकी सैनिकों पर लग रहे कथित युद्ध अपराधों की जाँच करें. प्रतिक्रिया एक अमरीकी सैनिक प्रवक्ता ने कहा कि सैनिक सोमवार को फ़लूजा में हुए इस संगठित हमले में आश्चर्यचकित रह गए.
इस हमले के बाद अमरीकी हेलिकॉप्टरों और जेट लड़ाकू विमानों ने शहर की कई इमारतों को निशाना बनाया. शहर से मोर्टार और मशीनगन की आवाज़ें सुनाई दे रही थी और कई इमारतों से धुआँ निकलता दिख रहा था. स्थानीय अस्पताल सूत्रों का कहना है कि उन्होंने इतनी संख्या में एक साथ घायल अमरीकी सैनिकों को नहीं देखा. अमरीकी सैनिक इस समय फ़लूजा में इराक़ी पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं ताकि संयुक्त रूप से शहर की गश्त लगाई जा सके. उधर जॉर्डन में संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के साथ बैठक में फ़लूजा परिषद के सदस्यों ने अमरीका पर आरोप लगाया कि अमरीकी सैनिकों ने शहर पर क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया और संघर्ष विराम के दौरान भी गोलीबारी की. उन्होंने शहर में संघर्ष रोकने के लिए बातचीत में संयुक्त राष्ट्र से मध्यस्थता की अपील भी की. इस बीच एक अरबी टीवी चैनल ने एक वीडियो का प्रसारण किया है जिसमें चैनल के मुताबिक़ उन इटली के नागरिकों को दिखाया गया जिन्हें इराक़ में बंधक बना लिया गया था. |
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