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फ़लूजा में अमरीकी सैनिकों की गश्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के फ़लूजा शहर में अपना नियंत्रण मज़बूत करने के लिए अमरीकी सैनिक और इराक़ी सुरक्षाकर्मी मंगलवार को संयुक्त गश्त लगाना शुरू कर रहे हैं. सोमवार को यहाँ फिर से हिंसा भड़क उठी थी जिसमें एक अमरीकी मरीन सैनिक और आठ इराक़ी विद्रोहियों के मारे जाने का समाचार है. अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल ब्रेंडन बायर्न ने कहा है कि विद्रोहियों के साथ हुई अमरीकी सैनिकों की झड़प से उनकी योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा. गंभीर संघर्ष फ़लूजा में दो सप्ताह पहले संघर्षविराम होने के बाद से ये अब तक का सबसे गंभीर संघर्ष बताया जा रहा है. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि उनके मरीन सैनिकों को तब जवाब में गोलियाँ चलानी पड़ीं जब विद्रोहियों न एक मस्जिद के भीतर से गोलाबारी शुरू कर दी. उन्होंने बताया कि विद्रोही रॉकेट, मोर्टार और मशीनगनों से गोलीबारी कर रहे थे. अमरीकी हेलीकॉप्टरों ने मस्जिद पर हमला किया जिससे उसकी इमारत को नुक़सान पहुँचा. अन्य शहर फ़लूजा के अलावा कूफ़ा और नजफ़ शहर से भी हिंसा की ख़बरें आई हैं. बताया जा रहा है कि यहाँ अमरीकी सैनिकों और शिया नेता मुक़्तदा अल सदर के समर्थकों के बीच संघर्ष हुआ. अमरीकी सेना ने कूफ़ा और नजफ़ की घेराबंदी की हुई है. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि संघर्षविराम की असफलता के बावजूद अमरीका सरकार समझौता करने को उत्सुक है. अमरीकी विदेश मंत्रालय पर नज़र रखनेवाले बीबीसी के संवाददाता जोन लेन का कहना है कि कॉलिन पॉवेल की ये टिप्पणी पिछले सप्ताह अमरीका सरकार की ओर से आए बयानों से बिल्कुल अलग है. |
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