| इराक़ में नए झंडे को मंज़ूरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अधिकारियों का कहना है कि अमरीका की ओर से नियुक्त अंतरिम परिषद ने देश के एक नए झंडे को स्वीकृति दे दी है. इस झंडे में सफ़ेद पृष्ठभूमि में एक हल्के नीले रंग का आधा चाँद है और नीचे की ओर दो नीली लाइनों के बीच एक पीली पट्टी बनी हुई है. अंतरिम परिषद के एक प्रवक्ता हमीद अल काफ़ेई ने बताया कि नए झंडे से देश में एक 'नए युग' की शुरूआत हुई है. उन्होंने बताया कि इस झंडे को औपचारिक तौर पर इस सप्ताह जारी किया जाएगा और अगले कुछ दिनों में ये झंडा सरकारी इमारतों पर नज़र आएगा. मगर परिषद के एक और सदस्य ने कहा कि इराक़ के सामने अभी और बड़े मुद्दे हैं जिनपर ध्यान दिया जाना बाक़ी है. झंडा इराक़ के नए झंडे में अर्धचंद्र इस्लाम का प्रतीक है जबकि नीली रेखाएँ दजला और फ़ुरात नदियों को दर्शाती हैं. पीली पट्टी कुर्द अल्पसंख्यकों की प्रतीक है.
इराक़ के एक अख़बार अल सबाह ने इस झंडे की तस्वीर छापी है और लिखा है कि 30 से भी अधिक डिज़ाइनों में से इस झंडे को छाँटा गया. सद्दाम हुसैन के समय इराक़ के झंडे में ऊपर और नीचे की तरफ़ लाल और काली पट्टियाँ थीं जिनके बीच एक सफ़ेद पट्टी थी और उनपर तीन हरे सितारे बने थे. 1980 के इरान-इराक़ युद्ध के समय सद्दाम हुसैन ने झेंडे पर अरबी भाषा में 'अल्लाहो अकबर' छपवा दिया था. प्रतिक्रिया इराक़ के नए झंडे पर इराक़ियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है. एक स्थानीय इराक़ी ने बताया,"ये सही डिज़ाइन है क्योंकि इसमें इराक़ी समाज के सारे हिस्सों को जगह दी गई है". मगर इराक़ी परिषद के एक सदस्य ने नए झंडे पर नाखुशी जताते हुए कहा कि झंडा बदलने से पहले इराक़ में नई निर्वाचित सरकार का इंतज़ार करना चाहिए था. परिषद के सदस्य महमूद ओथमान ने कहा,"मुझे लगता है कि इस नए झंडे को तब तक मंज़ूरी नहीं दी जानी चाहिए थी जब तक कि हम नई संसद गठित नहीं कर लेते". |
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