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फ़लूजा में लगातार दूसरी रात भारी लड़ाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी शहर फ़लूजा में लगातार दूसरी रात अमरीकी सेना और इराक़ी विद्रोहियों के बीच घमासान लड़ाई हुई है. शहर के गोलान नाम के उत्तरी हिस्से पर अमरीकी टैंकों और लड़ाकू विमानों ने हमला किया. इस क्षेत्र में कई इमारतों में आग लग गई. अमरीकी सैनिक अधिकारियों का कहना है कि ये हमला नहीं है बल्कि आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई है. अधिकारियों के अनुसार उन ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं जहाँ से विद्रोहियों ने उन पर गोलीबारी की. नजफ़ में भी हिंसा नजफ़ में भी अमरीकी सैनिकों ने एक बड़ी कार्रवाई में क़रीब 40 विद्रोहियों को मार दिया.
अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने इस कार्रवाई के ज़्यादा विवरण नहीं दिए लेकिन यह कहा कि एक लड़ाकू विमान से हमले किए गए. यह हमला अमरीकी सैनिकों के उस अड्डे पर पहुँचने के कुछ ही देर बाद हुआ जिसे स्पेनी सैनिक टुकड़ियाँ ख़ाली करने वाली हैं. इस समय प्रमुख धार्मिक नेता मुक़्तदा अल सदर नजफ़ में ही पनाह लिए हुए हैं और यहाँ से ही शिया नेता गठबंधन सेनाओं का विरोध करते आ रहे हैं. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पावेल का कहना है कि 30 जून के बाद सत्ता संभालने वाली इराक़ की अंतरिम सरकार को कुछ अधिकार अमरीकी अधिकारियों को भी देने होंगे. उनका कहना था कि यह ज़रूरी है कि गठबंधन सेनाएँ अमरीकी कमांड के तहत वहाँ काम करती रहें. |
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