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नजफ़ में अमरीकी अभियान की तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी सेनाओं ने शियाओं के पवित्र शहर नजफ़ में कार्रवाई करने के इरादे से शहर की घेराबंदी कर ली है. अमरीकी सेना शिया विद्रोही नेता मुक़्तदा अल सद्र के ख़िलाफ़ अभियान चलाने के इरादे से यह घेराबंदी कर रही है. इराक़ में अमरीकी कमांडरों ने मुक़्तदा अल सद्र को पकड़ने या मार देने के आदेश जारी किए हैं. लेकिन नजफ़ में शिया धार्मिक नेता विदेशी सेनाओं की कार्रवाई को टालने के लिए प्रयास कर रहे हैं. इस तरह आशंकाएँ जताई जा रही हैं कि अगर नजफ़ में सैनिक अभियान चलाया जाता है तो इससे शिया समुदाय में नाराज़गी फैल सकती है. ध्यान देने की बात है कि शिया समुदाय इराक़ में अमरीकी सेनाओं को समर्थन देता रहा है. मुक़्तदा अल सद्र वही नेता हैं जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में विदेशी सेनाओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों का नेतृत्व किया. इन प्रदर्शनों में हिंसा भी भड़क उठी थी. उधर अमरीकी की प्रशिक्षित किए हुए इराक़ी सुरक्षा बलों ने मंगलवार को नजफ़ को अपने नियंत्रण में ले लिया जिसके बाद वहाँ शांति रही. इन सुरक्षा बलों ने मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के चले जाने के बाद थानों और सरकारी इमारतों को अपने नियंत्रण में ले लिया. बंधक संकट उधर अमरीकी सेना का कहना है कि इराक़ में 12 देशों के 40 नागरिक बंधक हैं. इराक़ में मौजूद अमरीकी गठबंधन सेना के एक प्रवक्ता ने बंधकों की जो संख्या बताई है वह सोची गई संख्या की लगभग दोगुनी है. प्रवक्ता डैन सेनर ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बंधकों को छुड़ाने के लिए अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई, गठबंधन सेना और इराक़ी सुरक्षाबलों के साथ मिलकर प्रयास कर रही है. |
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