| इराक़ में 12 अमरीकी सैनिक मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के रमादी शहर में एक हमले में कम-से-कम 12 अमरीकी मरीन सैनिक मारे गए हैं. अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन के एक अधिकारी के अनुसार ये हमला रमादी के गवर्नर के महल के पास हुआ. अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में अमरीकी गठबंधन सेना के विरोधियों ने अमरीकी सैनिकों पर हमला कर दिया. पेंटागन प्रवक्ता ने कहा कि हमला करनेवालों की निश्चित संख्या की जानकारी नहीं है मगर उनके भी कुछ लोग हताहत हुए हैं. रमादी बग़दाद के पश्चिम में स्थित एक शिया बहुल इलाक़ा है. अमरीकी मरीन सैनिकों पर हमले की ये ख़बर अमरीका के रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड के इस बयान के थोड़ी ही देर बाद आई कि इराक़ में मौजूद अमरीकी सैनिकों को इराक़ में ताज़ा भड़की हिंसा पर नियंत्रण के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी. हिंसा का तीसरा दिन
इराक़ के कई शहरों में पिछले शनिवार से ही हिंसा भड़क उठी है जिसमें कम-से-कम 100 इराक़ियों की जान जा चुकी है जिसमें कई आम नागरिक भी हैं. गठबंधन सेना के भी 20 से अधिक सैनिक मारे गए हैं. हिंसा की शुरूआत शिया नेता मुक़्तदा सद्र के हथियारबंद समर्थकों ने की. हिंसा के तीसरे दिन मंगलवार को नसरिया सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर रहा जहाँ पुलों पर जुटी भीड़ को हटाने के लिए इटली के सैनिकों को बलप्रयोग करना पड़ा जिसमें लगभग 15 इराक़ी मारे गए. उत्तरी इराक़ के शहर कुट में भी हिंसा हुई. उधर सुन्नी बहुल शहर फ़लूजा में भी कई घंटे तक अमरीकी सेना और स्थानीय बंदूकधारियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ. स्थानीय बंदूकधारियों के विरोध के कारण सैकड़ों अमरीकी सैनिकों को शहर से बाहर की ओर निकलना पड़ा और वे शहर की सीमा पर जमा हैं. उनकी सहायता के लिए हेलिकॉप्टर और टैंक भी लाए गए हैं. |
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