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इराक़ में जगह-जगह व्यापक संघर्ष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी गठजोड़ के सैनिकों को विभिन्न इलाक़ों में भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. शिया बहुल इलाक़ों के अलावा सुन्नी बहुल इलाक़ों में भी संघर्ष हुए हैं. तीन दिनों में संघर्ष की विभिन्न घटनाओं में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. अमरीकी मरीन सैनिकों ने फ़लूजा शहर को घेर रखा है. इस शहर को इराक़ में अमरीकी गठजोड़ के विरोधी सुन्नी प्रतिरोध का केंद्र माना जाता है. इस बीच देश के शिया बहुल इलाक़ों में लगातार तीसरे दिन सशस्त्र संघर्ष हुए हैं. कट्टरपंथी शिया धार्मिक नेता मुक़्तदा सदर अपने सशस्त्र समर्थकों के साथ नजफ़ में हैं. मेहदी आर्मी के नाम से जाने वाले उनके हथियारबंद समर्थकों ने विभिन्न जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किए हैं. व्यापक संघर्ष मंगलवार को फ़लूजा में चरमपंथियों ने घरों की छतों पर से अमरीकी सैनिकों पर गोलाबारी की है. संघर्ष में अनेक इराक़ियों के मारे जाने की ख़बर है. दक्षिणी शहर नसीरिया में इतालवी सैनिकों से संघर्ष में 15 शिया चरमपंथी मारे गए हैं. बग़दाद के पास कुट नाम स्थान पर संघर्ष में एक यूक्रेनियन सैनिक की मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य घायल हो गए. ताज़ा संघर्ष की शुरुआत सदर के अख़बार को पिछले सप्ताह बंद किए जाने के बाद हुई. इराक़ में अमरीकी अंतरिम प्रशासन ने अल-हावज़ा नामक अख़ाबर पर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था. रॉयटर समाचार एजेंसी के अनुसार सदर ने एक बयान में कहा कि प्रतिरोध की घटनाओं से साबित होता है कि इराक़ी जनता अमरीकियों के शासन में नहीं रहना चाहते हैं. इस बीच अमरीका ने कहा है कि वह इराक़ में और सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है. |
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