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ग्यारह सितंबर मामले में अधिकारियों की पेशी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में ग्यारह सितंबर के हमलों की पड़ताल के लिए गठित स्वतंत्र आयोग के सामने आज अमरीका के शीर्ष अधिकारियों से पूछताछ होगी. जिन लोगों को आयोग के सामने आना है उनमें अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल और रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड भी शामिल हैं. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की सरकार के दो अधिकारियों, पूर्व विदेश मंत्री मैडलीन ऑलब्राइट और रक्षा मंत्री विलियम कोहेन, से भी पूछताछ की जाएगी. इन दोनों ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्ज बुश की नई सरकार के अधिकारियों को कुछ ख़ास चेतावनियाँ दी थीं मगर उनपर ध्यान नहीं दिया गया. अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के निदेशक जॉर्ज टेनेट से बुधवार को पूछताछ होगी. नवंबर 2002 में गठित ये स्वतंत्र आयोग दो दिन तक गवाहियाँ लेगा. आयोग के अध्यक्ष थॉमस कीन ने कहा है,"ये हमारी सबसे महत्वपूर्ण सुनवाई होगी और हम पिछली दो सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों से ये पूछेंगे की उन्होंने देश के सामने आनेवाले सबसे बड़े ख़तरे से निबटने के लिए क्या किया". बुश पर नए आरोप इससे पहले सोमवार को बुश के एक पूर्व सलाहकार रिचर्ड क्लार्क ने ये आरोप लगाया कि अमरीकी राष्ट्रपति ने अल क़ायदा के बढ़ते ख़तरों की परवाह नहीं कर इराक़ पर ध्यान केंद्रित किया. रिचर्ड क्लार्क को भी बुधवार को आयोग के समक्ष पेश होना है. इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बुश का बचाव किया है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैकलेलन ने ये कहते हुए क्लार्क के आरोप को राजनीतिक अवसरवाद की संज्ञा दी है कि ये आरोप नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव को ध्यान में रखकर लगाए गए हैं. अमरीका के उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा है कि रिचर्ड क्लार्क को अपने व्हाइट हाउस के कार्यकाल के दौरान कई बातों का पता ही नहीं चला. उन्होंने क्लार्क की कार्यकुशलता पर भी सवाल उठाए. |
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