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"पोलैंड को गुमराह किया गया" | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर क्वास्नीव्स्की ने कहा है कि उनका मानना है कि इराक़ में महाविनाश के हथियारों के ख़तरे के बारे में उनके देश को गुमराह किया गया. लेकिन अलेक्ज़ेंडर क्वास्नीव्स्की ने साथ ही यह भी कहा है कि इराक़ पर हमला करने का फ़ैसला बिल्कुल सही था. उन्होंने यह भी कहा कि पोलैंड का फिलहाल इराक़ से अपनी सैनाएं हटाने का कोई इरादा नहीं है. इराक़ में मौजूद अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन में सैन्य सहयोग देने वाला पोलैंड एक महत्वपूर्ण सहयोगी है और सैन्य योगदान में उसका चौथा स्थान है. ग़ौरतलब है कि एक अन्य महत्वपूर्ण सहयोगी देश स्पेन की नई सरकार ने ने इसी सप्ताह ऐलान किया था कि इराक़ में तैनात उनके सैनिक सैनिक जल्दी ही वापस बुलाए जाएंगे. बुश इस बीच अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ पर हमला करने के फ़ैसले की ज़ोरदार हिमायत की है.
इराक़ पर हमले को एक साल पूरा होने के मौक़े पर बुश ने कहा कि ख़ुफ़िया रिपोर्टों में इराक़ से ख़तरे की तरफ़ साफ़ इशारा किया गया था. बुश ने कहा कि उन्हें अमरीका की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने और एक "पागल आदमी" के शब्दों पर यक़ीन करने में से किसी एक को चुनना था और उन्हें देश की सुरक्षा को चुना. ग़ौरतलब है कि पिछले साल बीस मार्च को तड़के इराक़ पर हमला किया गया था और अभी वहाँ अमरीकी गठबंधन वाली सेनाएं क़ाबिज़ हैं. |
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