BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'अमरीका के ख़िलाफ़ ग़ुस्सा बढ़ा है'
इराक़
ज़्यादातर इराक़ी मानते हैं कि उनका जीवन स्तर सुधरा है
इराक़ पर हमले का एक साल पूरा होने के बाद भी ऐसे कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं कि दुनिया में अमरीका के प्रति दुश्मनी के व्यवहार में कोई कमी आई हो.

एक नए अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में कहा गया है कि ख़ासतौर से मुस्लिम देशों में अमरीका के ख़िलाफ़ ग़ुस्से में और बढ़ोत्तरी हुई है.

फ़िलाडेल्फ़िया स्थित पियू शोध केंद्र ने नौ देशों में एक सर्वेक्षण के आधार पर ये नतीजे निकाले हैं.

सर्वेक्षण में अमरीका के बहुत से यूरोपीय सहयोगी देशों के प्रति ग़ुस्से में बढ़ोत्तरी दिखाई गई है.

इनमें ब्रिटेन भी शामिल है जहाँ बहुत से लोग इराक़ पर हमले के आज भी ख़िलाफ़ हैं.

सर्वेक्षण में भाग लेने वालों में से बहुत से लोगों का मानना था कि अमरीका की ज़्यादा दिलचस्पी मध्य पूर्व में तेल पर क़ब्ज़ा करने, दुनिया पर धौंस जमाने और मुस्लिम देशों की ग़ैर दोस्त सरकारों को निशाना बनाने में है.

इराक़

दूसरी तरफ़ इराक़ में कराए गए एक स्वतंत्र जनमत सर्वेक्षण के में कहा गया कि इराक़ी लोग मानते हैं कि सद्दाम हुसैन सरकार के पतन के बाद से उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है और अगले एक साल में स्थिति में और सुधार आएगा.

सर्वेक्षण में लोगों ने संघीय व्यवस्था की तुलना में एकात्मक शासन प्रणाली का समर्थन किया है.

यह सर्वेक्षण इस साल फरवरी में ऑक्सफ़ोर्ड रिसर्च इंटरनेशनल ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया.

इस संस्था को सर्वेक्षण का काम बीबीसी के साथ-साथ अमरीका के एबीसी, जापान के एनएचके और जर्मनी के एआरडी ने सौंपा था.

इस सर्वेक्षण में 2500 से ज़्यादा इराक़ियों ने हिस्सा लिया.

एकात्मक शासन

सिर्फ़ एक सप्ताह पहले ही इराक़ में अंतरिम संविधान पर हस्ताक्षर हुए हैं.

News image
अंतरिम संविधान में संघीय शासन की बात कही गई है

संविधान में देश के उत्तरी भाग में मौजूद कुर्द क्षेत्रीय सरकार के अधिकारों को मान्यता दी गई है.

लेकिन सर्वेक्षण के नतीजे चौंकाने वाले हैं. क़रीब 80 प्रतिशत इराक़ियों ने एकात्मक शासन प्रणाली का समर्थन किया है.

सिर्फ़ 14 प्रतिशत लोगों ने क्षेत्रीय सरकारों वाले संघीय शासन प्रणाली का पक्ष लिया है.

शिया और इराक़ी अरब लोगों ने तो और बड़ी संख्या में एकात्मक शासन का समर्थन किया.

लेकिन कुर्द इलाक़े में स्थिति बिल्कुल उलट थी और 70 प्रतिशत से ज़्यादा लोगों ने संघीय शासन का समर्थन किया.

सुधार

एक और चौंकाने वाला यह तथ्य सामने आया है कि ज़्यादातर इराक़ी यह मानते हैं कि हमले के बाद की स्थिति में उनके जीवन स्तर में सुधार आया है.

News image
41 प्रतिशत इराक़ी मानते हैं कि उन्हें नीचा दिखाया गया है

70 प्रतिशत से ज़्यादा लोगों का मानना है कि अगले एक साल में स्थिति में और भी बदलाव आएगा.

56 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अभी देश की स्थिति युद्ध से पहले की स्थिति से ज़्यादा बेहतर है.

49 प्रतिशत लोग मानते हैं कि अमरीका की अगुआई में इराक़ पर हुआ हमला सही था लेकिन 41 प्रतिशत लोग इसके ख़िलाफ़ हैं.

सर्वेक्षण में यह बात भी खुलकर सामने आई कि सुरक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी लोगों की सबसे बड़ी समस्या है.

लेकिन लोग स्कूलों और बुनियादी चीज़ों की उपलब्धता से ख़ुश भी हैं.

सर्वेक्षण में इराक़ी पुलिस के साथ-साथ अमरीकी गठबंधन सेना पर हमले को ज़्यादातर लोगों ने ग़लत बताया है और इसका विरोध किया है.

15 प्रतिशत लोगों का कहना है कि विदेशी सैनिकों को जल्द से जल्द इराक़ से चले जाना चाहिए लेकिन ज़्यादातर लोग यही चाहते हैं कि इराक़ में सरकार के गठन और सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के बाद ही सैनिकों को यहाँ से जाना चाहिए.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>