| स्पेन इराक़ से फ़ौज वापस बुलाएगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्पेन के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री होज़े लुईस रॉड्रिग ज़फ़ातेरो ने इराक़ युद्ध को एक तबाही बताया है. उन्होंने कहा है कि वे इराक़ से अपने देश के सैनिकों को वापस बुला लेंगे. उन्होंने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र इराक़ में ज़िम्मेदारी नहीं संभालता तो स्पेन के 1300 सैनिकों को जून तक इराक़ से वापस बुला लिया जाएगा. ज़फ़ातेरो इराक़ युद्ध में अमरीका का साथ देने के कट्टर विरोधी रहे हैं और फ़ौज वापस बुलाना उनका चुनावी वादा भी था. 'बेमतलब की लड़ाई' उनका कहना है कि इराक़ के ख़िलाफ़ युद्ध करने का कोई मतलब ही नहीं था. उन्होंने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को इराक़ पर हमले के अपने फ़ैसले पर गंभीरता से दोबारा सोचना चाहिए. होज़े लुईस रॉड्रिग ज़फ़ातेरो ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हर तरह के आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ने की होगी लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि एकतरफ़ा युद्ध करना सही विकल्प नहीं है. सोशलिस्ट पार्टी जीती इससे पहले स्पेन के आम चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी की जीत हुई. पर्यवेक्षकों के अनुसार रविवार को स्पेन में हुए आम चुनाव पर मैड्रिड विस्फोटों का असर साफ़ दिखाई दिया. गुरुवार को मैड्रिड में हुए 10 धमाकों में 200 लोग मारे गए थे और 1400 लोग घायल हुए थे. मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही अधिकारियों को एक वीडियो टेप मिला जिसके अनुसार विस्फोटों के लिए अल क़ायदा को ज़िम्मेदार ठहराया गया. लेकिन इस पर मतदाता सत्ताधारी पार्टी से ये समझ कर नाराज़ हो गए थे कि अल क़ायदा से संबंधित जानकारी उनसे 'छिपाई' गई. |
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