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स्पेन में शोक के बीच अंतिम संस्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्पेन में गुरूवार को हुए बम धमाकों में मारे गए लोगों में से कुछ का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया. शहर के दो बड़े कब्रिस्तानों में जहाँ 90 लोगों को दफ़नाने की जगह थी लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हादसे में मारे गए लोगों के रिश्तेदार ताबूतों पर फ़ूल चढ़ाते रहे और सुबुकते रहे. स्पेन के इतिहास में यह एक बहुत बड़ा हादसा है और प्रभावित परिवार अब भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विभिन्न रेलगाड़ियों में गुरुवार को हुए दस भयंकर विस्फोटों में 200 लोग मारे गए थे और 1400 घायल हो गए थे. विस्फोट सुबह उस समय हुए थे जब ज़्यादातर लोग काम पर जाते हैं और उस समय रेलगाड़ियों में भारी भीड़ होती है. अंतिम संस्कार का एक स्थान अलकला दी हेनेरस नगर भी है. जिस रेलगाड़ी में बम धमाके हुए वह यहीं से शुरू होती है. देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक चल रहा है. शुक्रवार को लाखों लोगों ने इन धमाकों के ख़िलाफ़ देश भर में रैलियाँ निकालीं और 'आतंकवाद' का ख़ात्मा करने के नारे लगाए गए. ज़िम्मेदार कौन? हालाँकि आम चुनाव पर इस हादसे का व्यापक असर पड़ा है लेकिन मतदान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक़ रविवार को ही रखा गया है. इस बीच अधिकारी इस सवाल के साथ जद्दोजहद कर रहे हैं कि इन धमाकों के लिए कौन ज़िम्मेदार है. उनका अब भी कहना है कि शक की सुई मुख्य रूप से बास्क राष्ट्रवादी संगठन - एटा पर ही जाकर टिकती है लेकिन एटा ने इन बम धमाकों में अपना हाथ होने से इनकार किया है. ग़ौरतलब है कि यह संगठन आज़ादी की माँग कर रहा है. राजधानी मैड्रिड में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्पेन के बहुत से लोग और सरकार भी एटा को ही ज़िम्मेदार मानती है. साथ ही इस तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि इन धमाकों के पीछे अल क़ायदा का भी हाथ हो सकता है. |
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