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'अल-क़ायदा ने ज़िम्मेदारी ली' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्पेन में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें एक वीडियो टेप मिला है जिसमें अल-क़ायदा ने मैड्रिड में हुए विस्फोटों की ज़िम्मेदारी ली है. स्पेन के गृह मंत्री एनहेल एसेबेस ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि टेप अरबी में है लेकिन इसकी वैधता की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है. मैड्रिड स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चुनाव के ठीक पहले यह काफ़ी महत्वपूर्ण है. दूसरी ओर गुरुवार को मैड्रिड में हुए विस्फोटों के सिलसिले में पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. एसेबेस ने घोषणा की है कि गुरुवार को हुए बम विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ़्तार लोगों में तीन मोरक्को के नागरिक हैं और दो भारतीय हैं. गृह मंत्री ने एक कहा कि ये गिरफ़्तारियाँ मैड्रिड शहर के अलग-अलग हिस्सों में की गई हैं. गुरुवार को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हुए 10 बम विस्फोटों में 200 लोगों की जानें गई थीं और 1400 लोग घायल हुए थे. इन गिरफ़्तारियों की घोषणा करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि इन लोगों को मामले की जाँच कर रहे नेशनल कोर्ट को सौंप दिया जाएगा. एसेबेस ने बताया कि पुलिस अब इन गिरफ़्तारियों के बाद की जाँच में जुटी हुई है. उनका कहना था कि इन गिरफ़्तारियों का संबंध मोरक्को के चरमपंथी गुटों से हो सकता है लेकिन इस बारे में स्पष्ट रुप से कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी. प्रदर्शन इस बीच मैड्रिड में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. प्रदर्शनकारी मूल रुप से वामपंथी हैं और वे सत्ताधारी पॉपुलर पार्टी के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका आरोप है कि सरकार गुरुवार को हुए विस्फोटों के बारे में जानबूझकर तथ्यों को छिपा रही है और यह बताने की कोशिश कर रही है कि इन विस्फोटों के पीछ बास्क राष्ट्रवादी संगठन - एटा है न कि अल क़ायदा. उल्लेखनीय है कि रविवार को स्पेन में आम चुनाव होने हैं. इस घटनाक्रम की वजह से चुनाव कार्यक्रम में कोई तब्दीली नहीं की गई है. अंतिम संस्कार उधर बम धमाकों में मारे गए लोगों में से कुछ का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया.
शहर के दो बड़े कब्रिस्तानों में जहाँ 90 लोगों को दफ़नाने की जगह थी लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हादसे में मारे गए लोगों के रिश्तेदार ताबूतों पर फ़ूल चढ़ाते रहे और सुबुकते रहे. स्पेन के इतिहास में यह एक बहुत बड़ा हादसा है और प्रभावित परिवार अब भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विभिन्न रेलगाड़ियों में गुरुवार को हुए दस भयंकर विस्फोटों में 200 लोग मारे गए थे और 1400 घायल हो गए थे. विस्फोट सुबह उस समय हुए थे जब ज़्यादातर लोग काम पर जाते हैं और उस समय रेलगाड़ियों में भारी भीड़ होती है. अंतिम संस्कार का एक स्थान अलकला दी हेनेरस नगर भी है. जिस रेलगाड़ी में बम धमाके हुए वह यहीं से शुरू होती है. देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक चल रहा है. शुक्रवार को लाखों लोगों ने इन धमाकों के ख़िलाफ़ देश भर में रैलियाँ निकालीं और 'आतंकवाद' का ख़ात्मा करने के नारे लगाए गए. ज़िम्मेदार कौन? हालाँकि आम चुनाव पर इस हादसे का व्यापक असर पड़ा है लेकिन मतदान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक़ रविवार को ही रखा गया है. इस बीच अधिकारी इस सवाल के साथ जद्दोजहद कर रहे हैं कि इन धमाकों के लिए कौन ज़िम्मेदार है. उनका अब भी कहना है कि शक की सुई मुख्य रूप से बास्क राष्ट्रवादी संगठन - एटा पर ही जाकर टिकती है लेकिन एटा ने इन बम धमाकों में अपना हाथ होने से इनकार किया है. ग़ौरतलब है कि यह संगठन आज़ादी की माँग कर रहा है. राजधानी मैड्रिड में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्पेन के बहुत से लोग और सरकार भी एटा को ही ज़िम्मेदार मानती है. साथ ही इस तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि इन धमाकों के पीछे अल क़ायदा का भी हाथ हो सकता है. |
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