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'सत्ता सौंपने के पूर्व चुनाव संभव नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि इराक़ियों को सत्ता सौंपने से पहले वहाँ चुनाव कराना संभव नहीं. लेकिन कोफ़ी अन्नान ने स्पष्ट कर दिया कि एक अंतरिम इराक़ी प्रशासन को सत्ता सौंपने की अमरीकी योजना अपने समय से ही पूरी हो जानी चाहिए. अमरीका ने जून के आख़िर में इराक़ियों को सत्ता सौंपने की समयसीमा निर्धारित की है. अमरीका इराक़ में अलग-अलग गुटों की बैठक करके एक अंतरिम सरकार का गठन करना चाहता है लेकिन देश का बहुसंख्यक शिया समुदाय प्रत्यक्ष चुनाव के पक्ष में है. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत लखदर ब्राहमी इराक़ में चुनाव के लिए स्थितियों की समीक्षा करने गए थे. बैठक कोफ़ी अन्नान का यह बयान लखदर ब्राहमी से मिलने के बाद आया है. अन्नान ने कहा कि इराक़ में चुनाव होने तक अंतरिम सरकार के गठन के बारे में उन्होंने सलाह-मशविरा किया. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के 40 से अधिक प्रतिनिधियों के सामने इस पर विचार-विमर्श किया गया. बैठक में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत लखदर ब्राहमी भी मौजूद थे. बैठक के बारे में अन्नान ने कहा, "हममें इस पर सहमति थी कि जून के आख़िर से पहले इराक़ में चुनाव नहीं हो सकते." इराक़ में चुनाव पर संयुक्त राष्ट्र का यह बयान अमरीकी रुख़ से मिलता है. अमरीकी योजना पर शिया नेता अयातुल्ला अली अल सिस्तानी की आपत्ति के बाद संयुक्त राष्ट्र से इराक़ के राजनीतिक भविष्य पर प्रस्ताव देने को कहा गया था. अन्नान ने अपने बयान में कहा, "हमें उम्मीद है कि हम इराक़ियों और गठबंधन के सदस्यों के साथ मिलकर चुनाव से पहले तक एक अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया तय कर लेंगे." लेकिन उन्होंने इसके बारे में और कोई जानकारी नहीं दी. इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर पहले ही यह कह चुके हैं कि इराक़ियों को सत्ता सौंपने की 30 जून की समयसीमा क़ायम है. उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार के गठन की योजना भले ही बदल सकती है लेकिन समयसीमा वही रहेगी. |
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