|
पड़ोसियों से चौकसी बढ़ाने का आग्रह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार ने पड़ोसी देशों से अपनी सीमाओं की चौकसी बढ़ाने का आग्रह किया है. ये आग्रह शनिवार को फ़लूजा में इराक़ी सुरक्षाकर्मियों पर हुए अब तक के सबसे बड़े हमले के बाद किया गया. शनिवार को दिन-दहाड़े लगभग 70 हथियारबंद हमलावरों ने सुनियोजित तरीक़े से मेयर के दफ़्तर, नागरिक सुरक्षा बल के परिसर और पुलिस थाने पर हमला किया. इस हमले में 22 लोग मारे गए और कम-से-कम तीस लोग घायल हो गए. इराक़ में अमरीका के नेतृत्व वाली सेना का साथ दे रहे इराक़ियों पर एक सप्ताह के भीतर ये तीसरा बड़ा हमला था. आग्रह इराक़ में अमरीका की पहल पर नियुक्त सरकार में विदेश मंत्री होश्यार ज़ेबारी ने कुवैत में इराक़ के पड़ोसी देशों से चौकसी बढ़ाने का आग्रह किया. उन्होंने यहाँ इन देशों के प्रतिनिधियों की एक बैठक में कहा कि विदेशी घुसपैठियों पर लगाम लगाने से उन्हें ही फ़ायदा होगा. उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए इराक़ में लोकतंत्र बहाल नहीं होने देना चाहते. इराक़ में सद्दाम हुसैन के पतन के बाद इराक़ी राजनेताओं ने पहली बार देश के भविष्य पर अपने क्षेत्र में किसी बैठक में भाग लिया है. विदेशी हमलावर इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लगता है कि फ़लूजा में हमला विदेशी हमलावरों को छुड़ाने के लिए किया गया. हमलावरों ने थानों से कई लोगों को रिहा भी करा लिया. मारे गए लोगों में 14 पुलिसकर्मी और तीन हमलावर भी शामिल हैं. इराक़ से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि इराक़ में इस तरह के हमलों से ये साबित करने की कोशिश की जा रही है कि वहाँ अमरीका की ओर से नियुक्त सरकार को संगठित तौर पर चुनौती दी जा रही है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||