|
'तीस जून से पहले चुनाव संभव नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने संकेत दिए हैं कि इराक़ में जून माह के अंत से पहले चुनाव करवाए जाने की संभावना कम है. अमरीका जून माह के अंत तक इराक़ियों को सत्ता सौंपना चाहता है. कोफ़ी अन्नान बग़दाद में संयुक्त राष्ट्र के दूत लख़दर ब्राहमी और शिया नेता आयतुल्ला अली अल सिस्तानी के बीच हुई बातचीत के बाद इस विषय पर विचार व्यक्त कर रहे थे. कोफ़ी अन्नान का कहना था कि आम राय ये है कि चुनावों से पहले ध्यानपूर्वक तैयारी होनी चाहिए और चुनाव अच्छी राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति में होने चाहिए. इराक़ में अमरीकी अधिकारी इराक़ियों को जून माह के अंत से पहले सत्ता तो सौंपना चाहते हैं लेकिन इस बारे में फ़ैसला नहीं कर पाए हैं कि इराक़ी एसेंबली कैसे चुनी जाए. बीबीसी संवाददाता साइमन वॉट्स के अनुसार अमरीका का मानना है कि प्रतिनिधियों के सीधे चुनाव का समय नहीं है और कुछ प्रतिनिधियों को नियुक्त करना चाहिए. लेकिन इराक़ के शिया इन सुझावों से सहमत नहीं हैं और मानते हैं कि इस तरह अमरीका उन्हें सत्ता से बाहर रखना चाहता है. शिया नेता आयतुल्ला अली अल सिस्तानी के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि सबसे ज़रूरी ये है कि सत्ता एक प्रभुसत्ता संपन्न परिषद को सौंपी जाए और चुनाव इसके कुछ समय बाद भी हो सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र के दूत लख़दर ब्राहमी और शिया नेता आयतुल्ला अली अल सिस्तानी के साथ बातचीत के बाद कहा है कि के वे पूरी तरह इस बात के हक में हैं कि चुनाव हों. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||