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संयुक्त राष्ट्र का दल इराक़ पहुँचा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में चुनाव की संभावनाओं के अध्ययन के लिए संयुक्त राष्ट्र का एक दल इराक़ पहुँच गया है. यह दल वहाँ अमरीकी प्रशासन के अधिकारियों और इराक़ी नेताओं से मिलेगा. संयुक्त राष्ट्र के इस दल का मुख्य काम है यह तय करना कि क्या 30 जून तक इराक़ियों को सत्ता का हस्तांतरण संभव है. अमरीका ने सत्ता हस्तांतरण की यह तारीख़ निश्चित की है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश चाहते हैं कि इराक़ में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के ज़रिए सरकार चुनी जाए, जबकि वहाँ की बहुमत शिया आबादी प्रत्यक्ष चुनावों की माँग करती रही है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि उन्होंने सत्ता हस्तांतरण के मुद्दे पर बने गतिरोध को दूर करने के लिए दल वहाँ भेजा है. अन्नान ने एक बयान में दल के इराक़ पहुँचने की घोषणा की, लेकिन उन्होंने इस बारे में और कोई ब्यौरा नहीं दिया. समझा जाता है कि सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया है. हालाँकि ख़बरें हैं कि दल 10 दिनों तक इराक़ में रहेगा. पिछले साल अगस्त में बग़दाद स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पर हमले के बाद पहली बार संयुक्त राष्ट्र का कोई मिशन इराक़ पहुँचा है. हमले में संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि सर्जियो विएरा डिमेलो समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी. |
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