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संयुक्त राष्ट्र दल इराक़ जाएगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि वे राजनीतिक विशेषज्ञों का एक दल इराक़ भेजेंगे. ये दल इस वर्ष जून में इराक़ में नई सरकार को सत्ता सौंपने के बारे में सलाह देगा. कोफ़ी अन्नान ने वाशिंगटन में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से मुलाक़ात करने के बाद ये जानकारी दी. उन्होंने उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र इस सिलसिले में अभी जारी गतिरोध को दूर कर सकता है. विवाद कोफ़ी अन्नान ने ये स्वीकार किया कि इस मुद्दे पर विवाद था कि इराक़ में नई सत्ता कैसे चुनी जाए. इसके लिए दो तरीक़े मौजूद थे. अमरीका चाहता है कि ये सरकार क्षेत्रीय समितियाँ चुनें. मगर बहुसंख्यक शिया आबादी चाहती है कि ये सरकार सीधे चुनाव करवाकर बनाई जाए. उन्होंने कहा,"सभी इस बात पर सहमत हैं कि इराक़ियों को सत्ता यथाशीघ्र सौंप दी जाए". कोफ़ी अन्नान ने कहा कि विशेषज्ञ दल सभी को एक फ़ैसले पर सहमत करने की कोशिश करेगा. उन्होंने कहा कि अमरीका के नेतृत्व वाला गठबंधन और इराक़ की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वे संयुक्त राष्ट्र के दल के फ़ैसले को स्वीकार करेंगे. संयुक्त राष्ट्र की वापसी कोफ़ी अन्नान ने साथ ही ये भी कहा कि अभी इराक़ में स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र वहाँ पूरी तरह से काम कर सके. लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी ही ऐसा दिन आएगा. उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र ने पिछले साल बग़दाद में अपने मुख्यालय पर हमले के बाद यहाँ से अपने कर्मचारी हटा लिए थे. इस हमले में 20 से अधिक लोग मारे गए थे. |
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