|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी विदेश मंत्री का निमंत्रण ठुकराया
इराक़ के अंतरिम विदेश मंत्री होशियार ज़िबारी ने क्षेत्रीय सुरक्षा के मसले पर सीरिया की पहल पर आयोजित हो रहे सम्मेलन में हिस्सा लेने का निमंत्रण ठुकरा दिया है. इराक़ में अस्थिरता की वजह से क्षेत्र पर पड़ रहे असर के बारे में सात देशों के विदेश मंत्री सीरिया की राजधानी दमिश्क में बैठक कर रहे हैं. ये बैठक शनिवार को शुरू हो चुकी है और उसके बाद बैठक में शामिल होने के लिए इराक़ को प्रस्ताव भेजा गया. इस पर विदेश मंत्री ज़िबारी का कहना था, "सम्मेलन में हिस्सा लेने वालों की ओर से कुवैत का नया प्रस्ताव काफ़ी देर से आया." उनका कहना था कि इराक़ में अमरीका के समर्थन से बना मंत्रिमंडल दमिश्क में मंत्रियों की बैठक के किसी भी फ़ैसले को नहीं मानेगा. सीरिया इराक़ की नई शासकीय परिषद से किसी भी तरह के औपचारिक संबंध को लेकर बहुत उत्साहित नहीं रहा है.
लेकिन अमरीका के सहयोगी देशों कुवैत, सऊदी अरब और जॉर्डन की ओर से बहिष्कार की धमकी आने के बाद उसे ज़िबारी को बुलाने पर बाध्य होना पड़ा. इराक़ के मंत्री ने जब प्रस्ताव को इराक़ की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं बताया तो कुवैत ने एक बार फिर प्रस्ताव दोहराया मगर इराक़ ने फिर प्रस्ताव ठुकरा दिया. ज़िबारी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, "निमंत्रण इतनी देर से आया है कि बातचीत के लिए कल दमिश्क में मेरा पहुँचना संभव नहीं होगा." उधर इराक़ में अमरीका के नियुक्त प्रमुख प्रशासक पॉल ब्रेमर ने कहा है कि वह इराक़ियों को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया में तेज़ी लाना चाहते हैं. पहुँचना असंभव जब सभी मंत्री बैठक में हिस्सा लेने के लिए इकट्ठे हो गए तब कुवैत ने इराक़ से संपर्क किया और उसे आने का निमंत्रण भेजा. जॉर्डन के विदेश मंत्री मारवन मोआशेर ने कहा, "इस समूह की ओर से कुवैत के मंत्री ने इराक़ के विदेश मंत्री से संपर्क किया और आधिकारिक तौर पर कल शुरू हो रही बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया."
वहीं सीरिया चाहता था कि इराक़ी विदेश मंत्री को बैठक के अंत में बुलाया जाए जिससे उन्हें बैठक में लिए गए फ़ैसलों के बारे में बताया जा सके. बीबीसी संवाददाता हेबा सालेह का कहना है कि मध्य पूर्व के अन्य देश भले ही इराक़ पर अमरीकी हमले के विरोध में रहे हों मगर अब उनका कहना है कि अमरीका के समर्थन से देश में बनी शासकीय परिषद को महत्त्व नहीं देने से अमरीका का क्षेत्र से जाना और टलेगा ही. सत्ता सौंपने की जल्दी उधर राजधानी बग़दाद में पॉल ब्रेमर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह अमरीकी नेतृत्व वाली सेना से इराक़ियों को सत्ता सौंपने का 'रास्ता और टाइम टेबल' तय करना चाहते हैं. उन्होंने इराक़ी सेना और पुलिस को दिए जा रहे प्रशिक्षण में भी तेज़ी लाने का आश्वासन दिया ताकि वे लगातार हो रहे हमलों से निपटने सकें. ब्रेमर ने कहा कि सद्दाम हुसैन जीवित हैं और इराक़ में ही हैं और उनको पकड़ना या मारना सर्वोच्च प्राथमिकता है. इराक़ में लगातार बढ़ रहे हमलों के पीछे सद्दाम हुसैन का हाथ होने की संभावना से उन्होंने इनकार किया. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||