 |  |  | |  | | | उर्दू के प्रतिष्ठित लेखक और आलोचक गोपीचंद नारंग का मानना है कि मंटो पैदाइशी किस्सागो और मास्टर स्टोरीटेलर थे. | | |
| |  |  |  | |  | | | विभाजन, दंगा और बलवा मंटो की कहानियों के केंद्र में रहा है. इन विषयों पर उनकी लघु कहानियों का कोई जोड़ नहीं है. कुछ लघु कहानियाँ. | | |
| |  |  |  | |  | | | सआदत हसन मंटो के न जाने कितने पाठक हैं और हर किसी के लिए मंटो एक अलग मंटो हैं. एक आम पाठक की नज़र में क्या हैं मंटो? | | |
|