फिर लौट रहा है यूरोप में ‘बेबी बॉक्स’

एक समय था जब मध्यकालीन यूरोप में सड़क के किनारे या घर के बाहर बक्से पड़े होते थे. जो लोग अपने बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ होते थे वे अपने नवजात बच्चे को बक्से में छोड़ आते थे. यूरोप में फिर से एक बार ‘बेबी बॉक्स’ लौट आया है.
लेकिन इस बार का ‘बेबी बॉक्स’ गरम बक्सा है जिसपर नर्स नजर रख रही होती हैं. हालांकि संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह बच्चों के अधिकार का हनन है.
यह दुखद नाटक का एक दृश्य जैसा लगता है. लेकिन है सच्चाई. जर्मनी के बर्लिन उपनगर में पत्तों से घिरे एक मकान की तरफ तीर का चिन्ह लगाकर जर्मन भाषा में “बेबीवेज” लिखा हुआ है, जिसका मतलब “बच्चों का पालना” है.
रास्ते के अंत में पालना रखा हुआ है. इस पालने को खींचने पर एक साफ-सुथरा कंबल रखा होता है जिसमें बच्चों को लपेटा जा सके. पालना सुरक्षित है और लोगों को आश्वस्त करने के लिए काफी है कि इसमें अगर नवजात शिशु को छोड़ दिया जाए तो वो सुरक्षित रह सकता है.
कौन
यूरोप में साल में तकरीबन दो बार ज्यादातर महिलाएं ‘बेबी बॉक्स’ की तरफ जाती हैं और अपने-अपने नवजात शिशु को छोड़ आती हैं. जब बेबी बॉक्स का बच्चा बड़ा होता है तो उन्हें पता भी नहीं चलता है कि उनके मां-बाप कौन हैं उन्हें क्यों वहां छोड़ दिया गया था.
हालांकि यूरोप में इस बात को लेकर बहस हो रही है कि नवजात बच्चों को मां नहीं बल्कि, कोई पुरुष छोड़ता होगा. वह पुरुष उस नवजात बच्चे का पिता भी हो सकता है, सौतेला बाप हो सकता है, दलाल हो सकता है या फिर वह व्यक्ति हो सकता है जो नवजात की मां को नियंत्रित करना चाहता हो.
नॉटिंघम विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक केविन ब्राउन ने बीबीसी को बताया, “हंगरी में किए गए अध्ययन से पता चला है कि बच्चों को सिर्फ मां ही नहीं बेबी बॉक्स में छोड़ती हैं बल्कि बच्चों को बेबी बॉक्स में छोड़ने वाले उनके पिता, सौतेला बाप, या दलाल या फिर रिश्तेदार भी होते हैं.”
इसलिए बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे महिलाओं के अधिकार की रक्षा होती है या फिर जो शिशु मां के गर्भ में पल बढ़ा है, उसे बेबी बॉक्स में डाल देना चाहिए?
हर जगह बेबी बॉक्स

कुछ लोगों का कहना है कि इससे मां को अनचाहे बच्चों से छुटकारा मिल जाती है. हालांकि जब इस बात पर बहस हो रही है तो उसी समय जर्मनी में एक मां को अपने शिशु को पांचवी मंजिल की बालकनी से फेंककर मार देने के आरोप में कार्यवाही चल रही है.
इस बहस के बीच मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों जर्मनी, आस्ट्रिया, हंगरी, पोलैंड,चेक गणराज्य और रोमानिया में कई जगहों पर बेबी बॉक्स लगाए जा रहे हैं.
बेबी बॉक्स में सारी सुरक्षा मौजूद रहती है और ज्यों ही वहां नवजात शिशु को रखा जाता है घंटी बजती है. फिर नर्स उस बच्चे को ले जाती हैं और उसे अस्पताल में रखा जाता है. अगर मां उस बच्चे को वापस लेना चाहती है तो उन्हें वह बच्चा शुरू में मिल जा सकता है, लेकिन देर होने के बाद यह संभव नहीं है.
ठोस आकड़ा नहीं
हालांकि यूरोप में कितने बच्चों को बेबी बॉक्स में छोड़ा जाता है इसका कोई ठोस आंकड़ा नहीं है, लेकिन हैम्बर्ग में पिछले 10 सालों में 42 शिशुओं को बेबी बाक्स में छोड़ा गया था.
लेकिन नवजात शिशुओं के लिए बने बेबी बॉक्स में जर्मनी में सबसे बेहतर सुविधा उपलब्ध है.
हैम्बर्ग में बेबी बॉक्स रखने का इंतजाम करने वाली स्टेफनी वोलपेट का कहना है कि अगर बॉक्स रखा जाय तो बेहतर ढ़ंग से रखा जाय या फिर न रखा जाए.
वर्ष 1999 में पांच लावारिस बच्चों को बेबी बॉक्स में रखा गया था जिसमें तीन मृत पाए गए.
नवजात शिशुओं को कैसे बेबी बॉक्स में रखा जाय या नहीं इस पर यूरोप में एक बार फिर से बहस हो रही है.












