नीजेर में विद्रोह,राष्ट्रपति बंधक

पश्चिम अफ़्रीकी देश नीजेर के राष्ट्रपति और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों को कुछ विद्रोही सैनिकों ने राष्ट्रपति कार्यालय के भीतर बंधक बना लिया है.
राष्ट्रपति मामाडू टांजा मंत्रिमंडल की बैठक कर रहे थे जब दोपहर में गोलीबारी शुरू हो गई.
राजधानी नियामे में राष्ट्रपति भवन के पास ही सेना के चार बैरक हैं. हिंसा शुरू होने के बाद सैनिक सड़कों पर निकल पड़े और टैंकों से सरकारी इमारतों पर गोले दागे जाने लगे जिनमें विदेश मंत्रालय का भवन भी शामिल है.
चिकित्सा कर्मचारियों का कहना है कि मृतकों और घायलों को एक स्थानीय अस्पताल में लाया गया है.
वैसे अभी स्पष्ट नहीं है कि हिंसा की शुरुआत कैसे हुई मगर इसके पीछे देश में जारी राजनीतिक तनाव कारण हो सकता है.
राजनीतिक संकट
नीजेर में पिछले वर्ष अगस्त से राजनीतिक संकट की स्थिति है जब राष्ट्रपति ने संसद को भंग कर राष्ट्रपति के कार्यकाल पर लगी पाबंदी को हटाने के लिए जनमत संग्रह करवाया था.
इसके बाद राष्ट्रपति मामाडू टंजा ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए संविधान को बदल दिया.
नीजेर के विपक्ष के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी टंजा के इस क़दम की आलोचना की थी लेकिन इसका उन पर कोई असर नहीं हुआ.
बाद में जब संवैधानिक अदालत ने राष्ट्रपति के क़दम को ग़ैरक़ानूनी बताया तो टंजा ने संवैधानिक अदालत को ही भंग कर दिया.
उल्लेखनीय है कि टंजा ने 1974 में निजर में पहले सैनिक तख़्तापलट में भाग लिया था. हालाँकि 1999 में वे निर्वाचित होकर राष्ट्रपति बने थे.
नीजेर में यूरेनियम के भंडार होने के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उसमें दिलचस्पी है. हाल के वर्षों में चीन और फ़्रांस ने नीज़ेर में अरबों डॉलर का निवेश किया है.












